

अम्बिकेश गुप्ता
कुसमी। राज्य शासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल करते हुए विकासखंड कुसमी में स्थापित विकासखंड शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान (बीआईटीई) को उन्नत कर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईटीई) का दर्जा प्रदान किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर अटल नगर, जिला रायपुर द्वारा जारी आदेश क्रमांक एफ 17-07/2025/20-एक, दिनांक 16 जून 2025 के तहत यह उन्नयन किया गया।
उन्नयन के बाद निर्देश दिए गए थे कि जिला बलरामपुर-रामानुजगंज का डीआईटीई कुसमी में निर्मित बीआईटीई के नवीन भवन में संचालित किया जाएगा। इसके लिए राज्य शासन द्वारा प्राचार्य की प्रतिनियुक्ति भी कर दी गई है। साथ ही आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में छात्रों का प्रवेश लेकर नियमित कक्षाओं के संचालन की योजना भी निर्धारित की गई है।
एकमात्र नवीन भवन, फिर भी संचालन पर संकट..
कुसमी में इस प्रशिक्षण संस्थान के लिए तैयार किया गया भवन जिला बलरामपुर-रामानुजगंज का एकमात्र अत्याधुनिक एवं नवीन शैक्षणिक भवन माना जा रहा है। इसके बावजूद संस्थान के संचालन में विभिन्न प्रकार की बाधाएं सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार भीतरखाने से यह चर्चा तेज हो गई है कि डीआईटीई का संचालन कुसमी के इस नए भवन के बजाय जिला मुख्यालय बलरामपुर के किसी पुराने भवन में किए जाने की योजना बनाई जा रही है।
यदि ऐसा होता है, तो कुसमी को शिक्षा के क्षेत्र में मिलने वाला बड़ा अवसर हाथ से निकल सकता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि डीआईटीई का संचालन कुसमी में होने से यह क्षेत्र शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है, जिससे न केवल स्थानीय छात्रों बल्कि पूरे जिले को लाभ मिलेगा।
जनप्रतिनिधियों और संगठनों की निष्क्रियता पर सवाल..
हैरानी की बात यह है कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अब तक सामरी विधानसभा क्षेत्र के किसी भी जनप्रतिनिधि, छात्र संगठन या सरपंच संघ द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई है। जबकि कुसमी क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधियों की पहुंच राज्य और केंद्र स्तर तक मानी जाती है, इसके बावजूद इस विषय पर चुप्पी बरकरार है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते जनप्रतिनिधियों ने पहल नहीं की, तो कुसमी को शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि से वंचित होना पड़ सकता है।
कुसमी के विकास से जुड़ा है मामला..
डीआईटीई जैसे संस्थान का संचालन किसी भी क्षेत्र के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाता है। कुसमी में इसका संचालन होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, शैक्षणिक वातावरण मजबूत होगा और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।
दिलचस्पी वाली बात हैं कि शासन अपने पूर्व निर्णय पर कायम रहता है या हस्तक्षेप की चर्चाओं के बीच संस्थान का स्थान परिवर्तन किया जाता है। फिलहाल कुसमी में इस मुद्दे को लेकर चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।































