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अंबिकापुर: अंबिकापुर के संजय पार्क से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां वन विभाग और पार्क प्रबंधन की लापरवाही के चलते बड़ी संख्या में हिरणों की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, पार्क में बनाए गए बाड़े का गेट खुला रह जाने के कारण 4 से 5 आवारा कुत्ते अंदर घुस गए और हिरणों व कोटरी पर हमला कर दिया।इस हमले में करीब 15 हिरणों की मौत हो गई, जिसकी पुष्टि स्वयं DFO अभिषेक जोगावत ने की है। उन्होंने स्वीकार किया कि यह घटना पार्क प्रबंधन और वन विभाग की गंभीर लापरवाही का परिणाम है।

सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद मामले को दबाने की कोशिश भी की गई। बताया जा रहा है कि मृत हिरणों के शवों को संजय पार्क के पीछे जंगल में ले जाकर चुपचाप जला दिया गया। घटनास्थल से जले हुए अवशेष भी मिले हैं, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, एक हिरण का शव अभी भी बाड़े में पड़ा होने की बात सामने आई है।इतना ही नहीं, जिस स्थान पर शवों को जलाया गया, वहां खून से सना धारदार हथियार मिलने की भी सूचना है, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है। साथ ही, जंगल में ग्रीन पर्दा लगाकर शवों को दफनाने की भी बात सामने आई है।

एक और गंभीर पहलू यह है कि संजय पार्क में हिरण और अन्य वन्यजीवों को रखने के लिए सेंट्रल जू अथॉरिटी से अनुमति नहीं ली गई थी, जो नियमों का उल्लंघन है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए DFO अभिषेक जोगावत ने SDO के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया है। टीम को 2 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।


यह घटना न केवल वन्यजीवों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है, बल्कि विभागीय जिम्मेदारी और पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।

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