बलरामपुर:  जिले को नशामुक्त बनाने और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर नियंत्रण के लिए संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में कलेक्टर  राजेन्द्र कटारा की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक  वैभव बेंकर की उपस्थिति में जिला स्तरीय नार्काे समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वनमंडलाधिकारी आलोक बाजपेयी, जिला पंचायत सीईओ  नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर आर.एस. लाल, सहित संबंधित सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में नशे के विरुद्ध समन्वित कार्ययोजना तैयार कर मादक पदार्थों के उत्पादन और अवैध व्यापार पर प्रभावी रोक लगाने पर विस्तार से चर्चा की गई।

कलेक्टर श्री कटारा ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निरंतर और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड भ्रमण कर मादक पदार्थों के उत्पादन और परिवहन पर कड़ी नजर रखने को कहा। उन्होंने किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीण स्तर पर भी नियंत्रण के लिए कलेक्टर श्री कटारा ने किसानों को मादक पदार्थों की अवैध खेती के प्रति जागरूक करने और ग्राम स्तर पर सूचना तंत्र मजबूत करने के लिए कोटवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य और संबंधित विभागों को मेडिकल स्टोर्स में प्रतिबंधित तथा एक्सपायरी दवाओं एवं संचालित क्लीनिकों के लाइसेंस की कड़ाई से जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध दवाओं की बिक्री और बिना मान्यता के चल रहे क्लीनिकों पर तत्काल कार्रवाई की करें। उन्होंने कोटपा एक्ट का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए शैक्षणिक संस्थानों जैसे स्कूलों, कॉलेजों, आंगनबाड़ी केंद्रों और छात्रावासों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

नशापान के विरूद्ध जनसहभागिता को अहम बताते हुए कलेक्टर ने युवाओं और आम नागरिकों के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही। उन्होंने ग्राम पंचायतों में नशामुक्ति की शपथ दिलाने और लोगों को मादक पदार्थों के बारे में फोटो वीडियो के माध्यम पहचान कराने तथा उसके सेवन से होने वाले गंभीर दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर ने मादक पदार्थों के परिवहन रोकने के लिए अंतर्राज्यीय सीमाओं पर स्थित चेकपोस्टों पर वाहनों की सघन जांच के निर्देश दिए। उन्होंने उन्होंने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत कोई भी व्यक्ति टोल-फ्री नंबर 1933 पर संपर्क कर सकता है और अवैध गतिविधियों की जानकारी दे सकता है। जिसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

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