

सूरजपुर: एसईसीएल भटगांव क्षेत्र अंतर्गत प्रस्तावित मदननगर कोयला खदान परियोजना से प्रभावित ग्राम कनकनगर के खातेदारों एवं ग्रामवासियों की समस्याओं को जानने और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करने के उद्देश्य से ग्राम कनकनगर में चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामवासियों से सीधे संवाद कर उन्हें भूमि अधिग्रहण, मुआवजा निर्धारण, रोजगार एवं पुनर्वास से संबंधित प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी।
चौपाल में प्रभावित खातेदारों की संख्या, ग्राम के लिए निर्धारित रोजगार की संख्या तथा मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया से ग्रामवासियों को अवगत कराया गया। साथ ही भूमि अधिग्रहण के पश्चात् जिला स्तरीय पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना समिति की बैठक में लिए गए निर्णय "क्लबिंग कांसेप्ट" के संबंध में सरल शब्दों में जानकारी दी गई। बताया गया कि प्रति 02 एकड़ भूमि पर एक रोजगार के लिए आदिवासी खातेदार केवल आदिवासी के साथ तथा गैर-आदिवासी खातेदार केवल गैर-आदिवासी के साथ ही भूमि क्लब कर सकते हैं।
ग्रामवासियों के प्रतिनिधियों द्वारा जमीन के बदले जमीन की मांग रखी गई। इस पर संयुक्त कलेक्टर पुष्पेंद्र शर्मा ने स्पष्ट किया कि भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम (RFCTLARR) के प्रावधानों के अंतर्गत प्रत्येक प्रभावित परिवार को 06 डिसमिल भूमि प्रदान की जाएगी। ग्रामवासियों द्वारा इस अवसर पर कोई विधिक प्रश्न नहीं उठाया गया।
चौपाल में ग्राम पंचायत कनकनगर के सरपंच शिवप्रसाद कोड़ाकू, पूर्व सरपंच सुमेर सिंह, जयमंगल, नन्दलाल सहित लगभग 200 ग्रामवासी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की ओर से संयुक्त कलेक्टर पुष्पेंद्र शर्मा, एसडीएम प्रतापपुर, एसडीओपी प्रतापपुर, थाना प्रभारी खड़गवा, तहसीलदार प्रतापपुर तथा नायब तहसीलदार प्रतापपुर उपस्थित रहे।

































