

भोपाल। राजधानी भोपाल में मेट्रो परियोजना के अंडरग्राउंड कॉरिडोर का काम शुरू होते ही विवाद गहरा गया है। टनल निर्माण के दौरान हो रहे तेज कंपन ने आसपास की इमारतों और होटलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
टनल बोरिंग मशीन से शुरू हुई खुदाई
मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत टनल बोरिंग मशीन टीबीएम दुर्गावती ने 30 मार्च से लगभग 24 से 25 मीटर गहराई में खुदाई का काम शुरू किया है। यह मशीन घनी आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरते हुए 3.39 किलोमीटर लंबी ट्विन टनल का निर्माण कर रही है।
होटलों और इमारतों पर मंडराया खतरा
टनल निर्माण के चलते सबसे अधिक असर होटल रेड सी प्लाजा और राजश्री सहित कई भवनों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों के अनुसार निर्माण कार्य से होने वाले कंपन से संरचनात्मक नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
इंजीनियरिंग टीम कर रही निरीक्षण
मेट्रो कंपनी, नगर निगम और मैनिट के इंजीनियरों की संयुक्त टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया है। इस दौरान लगभग 200 इमारतों की पहचान की गई है, जिन्हें टनल बोरिंग मशीन के कारण वाइब्रेशन से प्रभावित होने की संभावना है।
जर्जर इमारतों पर भी निगरानी
नगर निगम ने एहतियात के तौर पर पुराने शहर के 200 से अधिक जर्जर भवनों को नोटिफाई करते हुए उन्हें सूचना पत्र जारी कर दिया है। इन सभी संरचनाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
फाइनल रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल नगर निगम और मैनिट के विशेषज्ञ इन इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कर रहे हैं। इनकी अंतिम रिपोर्ट अभी आना बाकी है, जिसके बाद आगे की सुरक्षा रणनीति तय की जाएगी।
स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता
अल्पना तिराहा क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि उन्हें लगातार कंपन के कारण खतरा महसूस हो रहा है। लोगों की मांग और मेट्रो कंपनी के प्रस्ताव के बाद इमारतों की विस्तृत जांच की जा रही है।

































