

कोरबा। एसईसीएल की कुसमुंडा कोयला खदान में कोल सैंपलिंग के कार्य के दौरान एक निजी ठेका कर्मचारी की अचानक मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और साथी कर्मचारियों ने मुआवजे की मांग को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्रबंधन को झुकना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, कुसमुंडा खदान में कोल सैंपलिंग का काम करने वाली निजी ठेका कंपनी आर.ई.सी.एन. में कार्यरत 42 वर्षीय कर्मचारी काशी दास रोज की तरह अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान उन्हें अचानक सीने में दर्द महसूस हुआ और वे बेहोश होकर गिर पड़े। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, मौत का कारण हृदयाघात (हार्ट अटैक) बताया गया है।
घटना से आक्रोशित साथी ठेका कर्मचारियों और परिजनों ने उचित मुआवजे की मांग को लेकर मृतक का शव कुसमुंडा सीजीएम कार्यालय के सामने रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि खदान में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और उनके भविष्य के लिए ठोस नीति होनी चाहिए। प्रदर्शन के चलते कार्यालय का कामकाज काफी देर तक प्रभावित रहा। एसईसीएल प्रबंधन और ठेका कंपनी के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की।
एसईसीएल प्रबंधन और ठेका कंपनी की ओर से मृतक के परिवार को 1-1 लाख रुपये (कुल ₹2 लाख) की फौरी आर्थिक सहायता दी जाएगी तथा परिवार के एक सदस्य को ठेका कंपनी में नौकरी प्रदान की जाएगी।सहमति बनने और लिखित आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त किया और शव को पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कार के लिए ले जाने दिया गया।






















