CG News: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इस योजना के आयोजन में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। कांग्रेस प्रदेश महामंत्री सुबोध हरितवाल ने दावा किया कि 10 फरवरी को रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित होने वाले सामूहिक कन्या विवाह कार्यक्रम में नियमों की अनदेखी की गई है और टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

कांग्रेस का कहना है कि इस आयोजन का जिम्मा महिला एवं बाल विकास विभाग के पास है। इसी विभाग द्वारा 10 फरवरी को साइंस कॉलेज मैदान में सामूहिक कन्या विवाह कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूरे मामले में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार की आशंका है। इस मुद्दे को लेकर गुरुवार को रायपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस प्रदेश महामंत्री सुबोध हरितवाल, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गेंदू सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुबोध हरितवाल ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के पूरे विभाग की इस मामले में संलिप्तता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोजन के लिए न तो पारदर्शी तरीके से निविदा आमंत्रित की गई और न ही निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया।

कांग्रेस महामंत्री ने इसे “जंबूरी भ्रष्टाचार 2.0” करार देते हुए कहा कि आमतौर पर इस तरह के आयोजनों के लिए CSIDC के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाती है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि 4 फरवरी को केवल पांच कंपनियों को आमंत्रित किया गया और उन्हें 24 घंटे के भीतर डिजाइन प्रेजेंटेशन के साथ प्रस्ताव देने को कहा गया।

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि इतनी कम समय-सीमा में डिजाइन और लेआउट कैसे पहले से तय हो सकता है। CG News के अनुसार कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और सरकार से जवाबदेही तय करने की अपील की है।

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