छत्तीसगढ़ : में धान घोटाला छत्तीसगढ़ एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। कवर्धा और महासमुंद जिलों में धान के चूहों द्वारा खा लिए जाने के सरकारी दावे को लेकर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। इसी मुद्दे पर शुक्रवार को कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी बड़ी संख्या में दुर्ग कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर अभिजीत सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

कांग्रेस का आरोप है कि धान घोटाला छत्तीसगढ़ में सामने आए बड़े आर्थिक नुकसान को छिपाने के लिए भाजपा सरकार चूहों को जिम्मेदार ठहरा रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह पूरी तरह से जनता को गुमराह करने का प्रयास है और असली दोषियों को बचाया जा रहा है।

दुर्ग जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने घोषणा की कि 20 जनवरी, मंगलवार को एक अनोखा और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस दिन दुर्ग कांग्रेस भवन से ‘चूहा बारात’ निकाली जाएगी, जो कलेक्ट्रेट तक पहुंचेगी। कांग्रेस कार्यकर्ता प्रतीक के तौर पर कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम चूहा सौंपेंगे।

राकेश ठाकुर ने दावा किया कि कवर्धा जिले में करीब 7 करोड़ रुपये और महासमुंद जिले में लगभग 5 करोड़ रुपये का धान गायब हुआ है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े धान घोटाला छत्तीसगढ़ मामले को चूहों की कहानी बताकर दबाया नहीं जा सकता।

उन्होंने आगे कहा कि बेजुबान जानवरों पर दोष मढ़ना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, जबकि जिम्मेदार लोग खुलेआम भ्रष्टाचार कर रहे हैं। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल धान घोटाला छत्तीसगढ़ प्रदेश की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर रहा है और आने वाले दिनों में विरोध और तेज होने की संभावना है।

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