अंबिकापुर-सूरजपुर मार्ग पर कई 25 से 30 साल पुराने जीप वाहन यात्री ढो रहे हैं, जिन्हें आमतौर पर “कंडम टैक्सी” कहा जा रहा है। इन वाहनों में आवश्यक सुरक्षा उपकरण जैसे ओडोमीटर आदि भी मौजूद नहीं हैं। बावजूद इसके, सड़क पर ये गाड़ियां नियमित रूप से दौड़ रही हैं।

आरटीओ का फिटनेस सेंटर और भ्रष्टाचार

जानकारी के अनुसार, आरटीओ फिटनेस सेंटर का संचालन प्राइवेट सेक्टर के माध्यम से किया जा रहा है। यहां अनफिट वाहनों को भी बिना ठीक से जांच किए फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जा रहा है, और इसके लिए निर्धारित शुल्क से अधिक रुपए वसूल किए जा रहे हैं। कई वाहन मालिकों ने बताया कि कंप्यूटराइज्ड सिस्टम होने के बावजूद जुगाड़ के माध्यम से कबाड़ गाड़ियों को भी अनुमति मिल रही है।

जिम्मेदार विभागों की लापरवाही

जिला परिवहन अधिकारी विनय सोनी ने इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की। इस तरह अनफिट वाहन सड़क पर दौड़ने के लिए “अघोषित अनुमति” प्राप्त कर रहे हैं।

सड़क हादसों का बढ़ता खतरा

सरगुजा में केवल टैक्सी ही नहीं, बल्कि अन्य यात्री बस और वाहन भी बिना उचित जांच के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर को सर्टिफिकेट देने की जिम्मेदारी देने के बाद अनफिट वाहन बड़े पैमाने पर फिटनेस सर्टिफिकेट पा रहे हैं, और इसका खामियाजा आम लोग अपनी जान देकर भुगत रहे हैं।

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