दौसा.जिलेवासियों के लिए खुश खबर है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दौसा से कोटा बीच होली तक वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने लक्ष्य तय किया है कि फरवरी तक शेष बचे कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा।
कोशिश रहेगी कि फरवरी या होली से पहले शेष कार्य को पूरा कर लिया जाए।

दौसा जिले के छात्र-छात्रा बड़ी संख्या में कोटा पढाई करते हैं। दौसा से कोटा के लिए सीधी ट्रेन नहीं है। ऐसे अधितकतर युवा सड़क मार्ग से ही सफर करते हैं।

अभी पांच घंटे से ज्यादा लग रहे
अभी दौसा से कोटा के लिए सड़क सही नहीं है। बीच में कई जगह काम चल रहा है। ऐसे में करीब पांच घंटे का समय लग रहा है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह सफर कार से करीब दो घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे समय व धन दोनों की बचत होगी। एक्सप्रेस-वे पर आवागमन शुरू होने से कोटा संभाग के लोगों को भी फायदा होगा। वर्तमान में कोटा से दिल्ली पहुंचने में करीब 9 घंटे का समय लगता है। लेकिन, एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद यह सफर करीब 5 में पूरा होगा।

यहां चल रहा कार्य
वर्तमान में लाखेरी (बूंदी) और सवाई माधोपुर के बीच चल रहा निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। दावा किया गया है कि जल्द ही इस हिस्से का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। वर्तमान में इस छोटे से टुकड़े के अधूरे होने के कारण ट्रैफिक को डाइवर्ट करना पड़ता है, लेकिन फरवरी से वाहन चालक बिना किसी बाधा के सीधे दिल्ली की ओर बढ़ सकेंगे।

विकास की नई राह खुलेगी
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का यह हिस्सा दौसा व कोटा संभाग के लिए विकास की नई राह खोलेगा। इससे व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा और पर्यटन के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलने की उम्मीद है। सुगम परिवहन व्यवस्था से न केवल लोगों को फायदा होगा, बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। दौसा वालों के लिए रणथम्भौर जाना आसान होगा।

दरा टनल का काम मार्च तक होगा पूरा
एक्सप्रेस-वे के दूसरे छोर यानी झालावाड़ की तरफ भी काम तेजी से चल रहा है। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली दरा टनल का कार्य भी मार्च तक पूरा होने की संभावना है। यह टनल परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है, क्योंकि इसके पूरा होने से झालावाड़ और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी।

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