

अंबिकापुर: कलेक्टर अजीत वसंत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुधन विकास विभाग, मत्स्य पालन विभाग एवं रेशम विभाग द्वारा संचालित शासन की योजनाओं की विभागवार समीक्षा बैठक ली। इस दौरान कलेक्टर ने योजनाओं की प्रगति, भौतिक एवं वित्तीय उपलब्धियों, लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति तथा जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कृषि विभाग
कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री वसंत ने खरीफ एवं रबी फसलों की वर्तमान स्थिति, बीज उपलब्धता, किसान पंजीयन, एग्रीस्टैक पंजीयन, पीएम किसान, ई-केवाईसी एवं आधार सीडिंग की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए ई-केवाईसी, आधार सीडिंग एवं एग्रीस्टैक जैसे प्राथमिकता वाले कार्यों में शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण प्रगति सुनिश्चित की जाए। साथ ही पात्र किसानों तक शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ अनिवार्य रूप से पहुंचाया जाए।
उद्यानिकी विभाग
कलेक्टर श्री वसंत ने उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने जिले में ऑयल पाम खेती को प्राथमिकता के साथ बढ़ावा देने तथा बागवानी फसलों के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्रों में उद्यानिकी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने, मधुमक्खी पालन, बांस मिशन जैसी योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने के निर्देश दिए, जिससे पीवीटीजी समुदाय की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
पशुधन विकास विभाग
पशुधन विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री वसंत ने जिले में संचालित चलित पशु चिकित्सा वाहनों की कार्यशीलता, पशु चिकित्सकों एवं स्टाफ की उपलब्धता, उपचार की गुणवत्ता एवं कवरेज की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप पशुपालकों को समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता हो। उन्होंने आवारा पशुओं की पहचान एवं नियंत्रण हेतु रेडियम प्लेट लगाकर टैगिंग की कार्यवाही सुनिश्चित करने, एआई आधारित कृत्रिम गर्भाधान में लक्ष्य अनुरूप प्रगति लाने तथा फंक्शनल डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहित कर पशुपालकों की आय में वृद्धि पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए।
मत्स्य पालन विभाग
कलेक्टर श्री वसंत ने मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा के दौरान पंचायतवार मत्स्य पालन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन ग्राम पंचायतों में अब तक एक भी मत्स्य पालन पट्टा जारी नहीं किया गया है, वहां प्राथमिकता के साथ पट्टा जारी कर मछली पालन गतिविधियां प्रारंभ की जाएं। कलेक्टर ने प्रत्येक जनपद पंचायत स्तर पर न्यूनतम पांच-पांच लक्ष्यों का निर्धारण कर अधिक से अधिक किसानों एवं हितग्राहियों को मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए, ताकि धान के साथ वैकल्पिक आय स्रोत विकसित हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
रेशम विभाग
रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री वसंत ने विभागीय गतिविधियों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने शासन द्वारा निर्धारित भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि सभी लक्ष्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि हितग्राहियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ प्राप्त हो सके।
कलेक्टर श्री वसंत ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मैदानी अमले सहित विभाग प्रमुखों को नियमित फील्ड विजिट करने के निर्देश देते हुए कहा कि फील्ड विजिट से योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन होगा तथा कार्यों की प्रोपर एवं वास्तविक एंट्री सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ हितग्राही तक पहुंचना चाहिए, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल सहित संबंधित विभाग प्रमुख एवं अधिकारी-कर्मचारी कर्मचारी उपस्थित रहे।





















