

सूरजपुर: कलेक्टर एस जयवर्धन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं सेवाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में जिला अस्पताल (डीएच), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में प्रदाय की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का आकलन किया गया। इस दौरान ओपीडी एवं आईपीडी में उपचार प्राप्त करने वाले मरीजों की संख्या, उपलब्ध सुविधाएं तथा दवाइयों की उपलब्धता की जानकारी ली गई।
कलेक्टर ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर देते हुए गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीयन (आरसीएच) एवं नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन जांच अधिक से अधिक किया जाए तथा जिनका हीमोग्लोबिन 9 ग्राम से कम है, उन्हें हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) मानकर प्राथमिकता से उपचार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एचआरपी न केवल मां बल्कि शिशु के लिए भी गंभीर खतरा हो सकता है, इसलिए ऐसे मामलों का चिन्हांकन प्राथमिकता से किया जाए।बैठक में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, टीकाकरण की प्रगति तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने विवाह पूर्व सिकल सेल जांच एवं गर्भवती महिलाओं का एनीमिया के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं को समय रहते जांच के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, आयुष्मान कार्ड निर्माण, वय वंदना कार्ड निर्माण तथा हाट बाजार क्लिनिक योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। हाट-बाजारों में ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी की जांच, उपचार एवं मरीजों की पहचान की स्थिति की भी समीक्षा की गई तथा अभियान को और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने सभी पीएचसी एवं सीएचसी को समय पर खोलने एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने पर जोर दिया, ताकि बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें।बैठक में संयुक्त कलेक्टर, सीएमएचओ, सिविल सर्जन सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

































