बलरामपुर: कलेक्टर एवं जिला जल एवं स्वच्छता मिशन के अध्यक्ष राजेंद्र कटारा ने संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जल जीवन मिशन अंतर्गत चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने जिले में क्रियान्वित नल-जल योजनाओं के कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों को आवश्यक निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री कटारा ने कहा कि नल जल योजना केन्द्र व राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी आपसी समन्वय के साथ जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए तेजी से कार्य करना सुनिश्चित करें और योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए समन्वय और गंभीरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने जल जीवन मिशन अंतर्गत चल रहे कार्यों को मिशन मोड में करने के निर्देश दिए।

बैठक में कार्यपालन अभियंता  पंकज जैन ने 2025-26 में लक्षित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामवार पूर्ण, अपूर्ण कार्यों की जानकारी दी। कलेक्टर ने लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ठेकेदारों से नल-जल कार्यों से पूर्ण किए जा चुके ग्रामों/बसाहटों के संबंध में विस्तार से समीक्षा की। साथ ही शेष बचे कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री कटारा ने कहा कि ऐसे बसाहटें जहां स्वच्छ पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं है, वहां प्राथमिकता से पेयजल पहुंचाना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने ग्रामों में नल-जल योजनाओं की प्रगति, कार्यों की गुणवत्ता, पाइपलाइन विस्तार, स्रोत विकास, जल टंकी निर्माण की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि जल स्रोत सुनिश्चित करने के पश्चात ही पाइपलाइन का विस्तार करें ताकि पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से हो सके। कलेक्टर श्री कटारा ने कार्यों में आ रही समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने उपस्थित ठेकेदारों को अपूर्ण कार्यों को निर्धारित दिवस के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत हर घर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है। इसमे किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कलेक्टर ने कार्यपालन अभियंता को निर्देश देते हुए कहा कि जो ठेकेदार कार्य में कोताही बरत रहे है उन्हें ब्लैक लिस्टेड करें तथा ऐसे ठेकेदार जिनकी कार्य में रूची नहीं है उनका अनुबंध निरस्त करें। साथ ही शासकीय कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा पहुंचाने वाले के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही करें। बैठक में संबंधित सदस्य एवं ठेकेदार उपस्थित थे।

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