नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने भारतीय रेलवे की खानपान शाखा आईआरसीटीसी को एक आरटीआई आवेदन पर सूचना देने से इंकार करने के लिए फटकार लगाई है।आवेदन में यह जानकारी देने का अनुरोध किया गया था कि क्या रेलवे निविदाओं के लिए बोली लगाने वाली कंपनियों ने रेल नीर घोटाले और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच किए जा रहे संबंधित मामलों से अपने कथित संबंधों के बारे में बताया था? आरटीआई आवेदक ने भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) से पूछा था कि क्या बोली लगाने वाली कंपनियों ने अपने निविदा दस्तावेज में अपने नाम के साथ सीबीआई या ईडी के मामलों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था।

रेल नीर घोटाला 2015 का भ्रष्टाचार का एक मामला था, जिसकी जांच सीबीआई ने की थी। इसमें निजी खानपान कंपनियों ने प्रीमियम ट्रेनों (राजधानी और शताब्दी) में अनिवार्य 'रेल नीर' के बजाय सस्ता बोतलबंद पानी उपलब्ध कराया था। इससे रेलवे को लगभग 19.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।हालांकि, आईआरसीटीसी ने जानकारी देने से इन्कार करते हुए कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 8(डी) के तहत मांगी गई जानकारी को सार्वजनिक करने से छूट प्राप्त है।सुनवाई के दौरान, अपीलकर्ता ने तर्क दिया कि जानकारी व्यापक जनहित में मांगी गई थी और इसे गलत तरीके से अस्वीकार किया गया। उन्होंने दावा किया कि आरटीआई कानून के तहत उन्हें ऐसी जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है।

प्रतिवादी अधिकारियों ने अपना बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने अपीलकर्ता को छूट के बारे में स्पष्ट रूप से सूचित कर दिया था और प्रथम अपीलीय अधिकारी ने उनके जवाब को सही ठहराया था। इस मामले की जांच करते हुए सीआईसी ने जवाब को अपर्याप्त पाया और कहा कि इसमें केवल छूट खंड का उल्लेख किया गया है, कोई कारण या स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। इसे सूचना अधिकार अधिनियम के तहत वैध या तर्कसंगत उत्तर नहीं माना जा सकता है।

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