


बिलासपुर: विगत दिनों पत्रकार पर हुए हमले को लेकर बिलासपुर के पत्रकारों ने आईजी रतनलाल डांगी जी से मुलाकात दोपहर 12बजे करते हुए अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने एवम इसमें शामिल लोगो पर सख्त कार्यवाही करने के लिए ज्ञापन साेपा,आईजी द्वारा पत्रकारों की मांग मानते हुए जल्द से जल्द अपराधियों की गिरफ्तारी की जाने बात कही एंव जांच करने टीम भी बनाने की बात कही जिससे इस मामले में शामिल लोगो पर भी कार्यवाही की जा सके।
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति छत्तीसगढ़
अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति छत्तीसगढ के प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द शर्मा ,राष्ट्रीय महासचिव महफूज खान,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश परिहार ने इस घटना की निंदा की है बिलासपुर जैसी घटना पूरे छत्तीसगढ़ में हो रही हैं पत्रकार शहरी,ग्रामीण कहीं सुरक्षित नही है आय दिन पत्रकारों पर हमला, मारपीट की घटना हो रही है भूपेश सरकार यदि जल्द ही पत्रकार सुरक्षा कानून नही बनाती है तो 2023में सरकार के खिलाफ राजधानी में प्रदेश स्तरीय धरना एवम आंदोलन किया जाएगा और सरकार का सभी जिलों के विरोध दर्ज किया जाएगा।
मामला क्या है :
नीरज शुक्ला सरकंडा राजस्व कालांनी का निवासी है वह पेशे से पत्रकार है बीते 15 नवम्बर की रात लगभग 12.30 बजे के लगभग नकाबपोश ने नीरज शुक्ला को जान से मारने 4 की नीयत से चाकू से हमला किया गया। ये हमला रोवर व्यू से सरकता की ओर जाने वाले पुल से मेरा पीछा कर रहे थे नीरज उन्हें कहते हुए सुना की आ रहा है उसका पीछाकर पीछा करता देख गाड़ी तेजी से चलाने लगा। उन्होंने घर के मोड पर जैसे ही गाड़ी रोकी वैसे ही मेरा पीछा करने वाले चाकू लेकर मेरे पीछे दौड़े जैसे जैसे यहां से जान बचाकर भागा अगर नीरज शुक्ला हमलावरों की पकड़ में आ जाता तो निश्चित ही उससे जान से मार देते वह तो बचकर भाग गया तो हमलावरों ने मेरी स्कूटी को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया।
इस दौरान उन्होंने कहा है कि उन नकाबपोश लोगों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाये कल रात 2 काम मेरे घर तक पहुंच गये थे। परिवार के लोग जब बाहर निकले तो वह लोग भाग गये। उनको 3 लोगों पर संदेह है ये तीनों सदेही रात के हमले के मास्टर माइड हो सकते है। पहला संदेही आरक्षक हेमन्त सिंह वर्तमान में ए.सी.सी.यू. बिलासपुर में पद है। दूसरा संदेशी संतोष सरका क्षेत्र में कबाड़ व्यसाय करता है यह पूर्व में भी मेरे साथ मारपीट कर चुका है जिसका थाने में एफआईआर भी दर्ज करवाया था। तीसरा संदेही बदला सिंह मस्तूरी क्षेत्र में कुछ अध कारोवार संचालित करता है। बताया कि हमला सिर्फ मुझे नहीं बल्कि स्वतंत्र लेखन करने वाले समस्त पत्रकारों को डराने की नीयत से किया गया प्रतीत होता है। हमारे संविधान निर्माता बाबा साहेब भीत्रकारिता के महत्व को भी समझा था और मूक नायक की शुरुआत भी की थी।
उन्होंने कहा कि तीनों संदेहियों की कड़ाई से जांच की जाये और जा दोगी है उन पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाये। क्योंकि इन लोगों से मुझे मेरे परिवार को जान का खतरा है।































