Chaitanya Baghel: छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल 6 महीने बाद जेल से रिहा हो गए हैं. 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में फंसे चैतन्य बघेल को ED ने 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था. 2 जनवरी को चैतन्य की जमानत याचिका पर सुनावई करते हुए हाई कोर्ट ने जमानत स्वीकार कर ली. इसके बाद आज 3 जनवरी को चैतन्य रायपुर सेंट्रल जेल से बाहर आ गए हैं. इस दौरान समर्थकों ने फूलमाला पहनाकर और ढोल-नगाड़े बजाकर उनका स्वागत किया.

जेल से बाहर आए चैतन्य बघेल
चैतन्य बघेल 18 जुलाई से जेल में बंद हैं. 18 जुलाई की सुबह-सुबह ED की टीम भूपेश बघेल के घर पहुंची थी. यहां कार्रवाई के बाद चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया गया और कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने चैतन्य बघेल को ED की रिमांड पर भेज दिया था. इसके बाद से चैतन्य बघेल जेल में हैं.

ढोल-नगाड़ों के साथ किया वेलकम
चैतन्य बघेल के जेल से रिहा होने के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे. इस दौरान समर्थकों ने फूलमाला पहनाकर और ढोल-नगाड़ों के साथ चैतन्य बघेल का वेलकम किया.
कैसे फंसे चैतन्य बघेल?
पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल पर शराब घोटाला में बड़ा हिस्सा लेना का आरोप है. ED की जांच में सामने आया कि चैतन्य बघेल ने घोटाले के पैसों को कंस्ट्रक्शन के एक प्रोजक्ट में इन्वेस्ट कर उसे लीगल दिखाने की कोशिश की.

क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?
छत्तीसगढ़ में साल 2018 से 2023 के बीच जब कांग्रेस की सरकार थी और CM भूपेश बघेल थे तब करीब 3200 करोड़ से अधिक का शराब घोटाला हुआ. इसे लेकर EOW ने चार्जशीट में जानकारी देते हुए बताया कि इस घोटाले के पैसे से 11 आरोपी अधिकारियों ने अपने रिश्तेदारों के नाम करोड़ों रुपए की जमीन और दौलत खरीदी है.

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