


बलौदाबाजार: जिला अंतर्गत विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित होने वाले परीक्षाओं के सुचारू रूप से संचालन एवं छात्र-छात्राओं की परीक्षा की तैयारी में व्यवधान न हो इसे दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी दीपक सोनी ने बिना लिखित पूर्वानुमति के ध्वनि विस्तार यंत्रों के प्रयोग प्रतिबंधित कर दिया है। छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की धारा 4 के तहत लागू यह आदेश जिले की सीमा अंतर्गत प्रभावशील होग़ा।बिना लिखित पूर्वानुमति के ध्वनि विस्तार यंत्रों का प्रयोग करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही होगी।
जारी आदेश में कहा गया है कि विशिष्ट परिस्थितियों एवं शासकीय कार्यों के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग की अनुमति सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों तथा ध्वनि प्रदूषण (विनियमन तथा नियंत्रण) नियम, 2000 एवं उपरोक्त अधिनियम में उल्लेखित शर्तों के अंतर्गत जिला मुख्यालय में अनुविभागीय दंडाधिकारी बलौदाबाजार एवं जिले के अन्य अनुविभाग मुख्यालय की तहसील में अनुविभागीय दंडाधिकारी द्वारा तथा अनुविभाग मुख्यालय से भिन्न तहसील में तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी द्वारा दी जाएगी।यह अनुमति किसी भी परिस्थितियों में रात्रि 10बजे से प्रातः 6बजे के बीच की अवधि के लिए नहीं दी जा सकेगी।
































