रायगढ़: जिले के बहुत चर्चित नशीली दवा कांड। जी हाँ घरघोड़ा में नशीली दवा के बड़े खेप को पकड़ने में घरघोड़ा पुलिस कि सफलता मिली थी जिसमे न्यायालय ने आरोपी को 12 साल कि कड़ी सजा सुनाई है। घरघोड़ा क्षेत्र में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध पुलिस और न्यायपालिका ने एक बड़ा सन्देश दिया है । विशेष न्यायालय (NDPS एक्ट) रायगढ़ ने प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप की तस्करी के मामले में आरोपी दीपक वारे (24 वर्ष) को दोषी करार देते हुए 12 वर्ष के कठोर कारावास और 1.20 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

यह सफलता एसडीओपी धरमजयगढ़ के दिशा-निर्देशों तत्कालीन थाना प्रभारी शरद चन्द्र सउनि राजेश मिश्रा के सटीक विवेचना का परिणाम है। 06 दिसंबर 2023 को मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना पर थाना प्रभारी शरद चन्द्रा ने तत्काल टीम गठित किया। सउनि राजेश मिश्रा के नेतृत्व में आरक्षक उद्यो पटेल, आर प्रहलाद भगत अन्य कि टीम ने आरोपी के घर पर योजनाबद्ध तरीके से घरेबंदी कर दबिश दी, जिससे आरोपी को संभलने का मौका नहीं मिला। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 1140 बोतल (114 लीटर) ONEREX कफ सिरप बरामद की गई, जिसकी बाजार में कीमत लगभग 1.93 लाख रुपये आंकी गई थी। जब्त सिरप में 'कोडीन फॉस्फेट' जैसे प्रतिबंधित तत्व पाए गए, जिनका उपयोग नशे के रूप में किया जाता है। अदालत में टिक नहीं सकी बचाव पक्ष की दलीलें थाना प्रभारी शरद चन्द्रा के नेतृत्व में सउनि राजेश मिश्रा ने केस की विवेचना (Investigation) को इतना मजबूत रखा कि न्यायालय में आरोपी का बचना नामुमकिन हो गया। पुलिस ने पंचनामा, सीलिंग, सैंपलिंग और फॉरेंसिक जांच की प्रक्रियाओं को एनडीपीएस एक्ट के कड़े नियमों के तहत पूरा किया।मामले में कुल 11 गवाह पेश किए गए। अदालत ने पुलिस अधिकारियों और स्वतंत्र गवाहों के साक्ष्यों को पूरी तरह विश्वसनीय माना। विशेष न्यायाधीश (NDPS एक्ट) ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि आरोपी के पास 'व्यावसायिक मात्रा' (Commercial Quantity) में नशीला पदार्थ मिलना समाज के लिए गंभीर खतरा है। न्यायालय ने धारा 21(C) NDPS एक्ट के तहत 12 साल की जेल की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया।

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