CG News: छत्तीसगढ़ में शराब के दाम बढ़ने को लेकर चल रही खबरों पर आबकारी विभाग ने फिलहाल विराम लगा दिया है. मीडिया में शराब महंगी होने की खबरों के बीच आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में इस समय शराब की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. वर्तमान में केवल ड्यूटी दरों का निर्धारण किया गया है, न कि फुटकर विक्रय दरों का. ऐसे में आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है. आबकारी विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें.

आबकारी विभाग ने जारी सूचना में क्या बताया?

  • आबकारी विभाग ने सूचना में जानकारी देते हुए बताया कि नई व्यवस्था के तहत केवल देसी शराब और विदेशी शराब के लोअर सेगमेंट ब्रांड्स की ड्यूटी दरों में आंशिक वृद्धि की गई है, जबकि मिड और प्रीमियम कैटेगरी के अधिकांश ब्रांड्स की ड्यूटी दरें पिछले वर्ष की तरह ही रखी गई हैं.
  • उन्होंने उम्मीद जताई कि इन बदलावों के बावजूद छत्तीसगढ़ में शराब की खुदरा कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
  • विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शराब की अंतिम कीमत कई घटकों पर निर्भर करती है और केवल ड्यूटी दरों में बदलाव से सीधे दाम बढ़ना तय नहीं होता.

नई आबकारी नीति कब से लागू होगी?

हाल ही में साय सरकार ने कैबिनेट बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी दी थी, जिसके बाद छत्तीसगढ़ राजपत्र में ड्यूटी दरों से संबंधित अधिसूचना भी प्रकाशित की गई. नई आबकारी नीति एक अप्रैल 2026 से लागू होगी. अधिसूचना के अनुसार, अब देसी और विदेशी दोनों प्रकार की शराब पर ड्यूटी दरें कीमत के आधार पर तय की गई हैं. यानी शराब जितनी महंगी होगी, उस पर उतना अधिक टैक्स लगेगा. इसके तहत बियर और रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) पेय पदार्थों पर भी संशोधित ड्यूटी दरें लागू की जाएंगी. वहीं सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए शराब पर न्यूनतम ड्यूटी दर तय कर कुछ राहत देने का प्रावधान किया गया है.

नई नीति में क्या बदलाव किया गया है?

  • नई नीति में एक अहम बदलाव यह भी किया गया है कि अब शराब की सप्लाई से पहले ड्यूटी टैक्स का भुगतान अनिवार्य होगा.
  • बिना टैक्स चुकाए शराब की आपूर्ति नहीं की जा सकेगी. सरकार को इस व्यवस्था से राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है.
  • नई आबकारी नीति 2026-27 के मसौदे को अंतिम रूप देने से पहले लाइसेंसियों से सुझाव मांगे गए थे.
  • सचिव-सह-आबकारी आयुक्त आर. संगीता की अध्यक्षता में 13, 14 और 15 अक्टूबर 2025 को बैठकों का आयोजन किया गया था, जिनमें बार नीति, अहाता नीति और शराब दुकानों के संचालन से जुड़े मापदंडों पर विस्तार से चर्चा की गई थी.

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