


बेमेतरा: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित बेमेतरा जिले के बिरनपुर हिंसा के बाद हुए पिता–पुत्र हत्याकांड में बड़ा मोड़ आया है। करीब तीन साल के लंबे इंतजार के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय, बेमेतरा ने मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 17 आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। फैसले के बाद जहां आरोपियों के परिजन राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं पीड़ित पक्ष और दोषमुक्त हुए लोग पुलिस जांच पर सवाल उठा रहे हैं।
गौरतलब है कि 10 अप्रैल 2023 को बिरनपुर में सांप्रदायिक हिंसा के बाद प्रदेशभर में तनाव फैल गया था। हिंदू संगठनों द्वारा छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया गया था, जिसके चलते कई स्थानों पर प्रदर्शन और झड़पें हुई थीं। इसी दौरान ग्राम कोरवाय के एक खेत में बकरी चराने गए पिता–पुत्र रहीम मोहम्मद और ईदुल मोहम्मद के शव बरामद हुए थे।इस दोहरे हत्याकांड को बिरनपुर हिंसा की कड़ी माना गया और पुलिस ने जांच के बाद 17 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामला लगातार न्यायालय में विचाराधीन रहा और बेमेतरा जिला सत्र न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।फैसले के बाद न्यायालय परिसर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। जैसे ही निर्णय सुनाया गया, दोषमुक्त हुए सभी 17 लोगों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनसे गन पॉइंट पर जबरन अपराध स्वीकार करवाया गया था। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग भी की।
यह मामला बीते तीन वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजनीति और कानून-व्यवस्था के लिहाज से बेहद संवेदनशील बना हुआ था। कोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर जांच प्रक्रिया पर बहस तेज हो गई है।
जानिए क्या था मामला
8 अप्रैल 2023 के दिन 2 गुटों में हुए झगड़े के बीच भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। मामले ने तूल पकड़ा। विवाद को धार्मिक रंग देने के प्रयास भी हुए। कथित तौर पर झगड़ा बच्चों की मारपीट से शुरू हुआ। बवाल इतना हुआ कि गांव में कुछ घर जला दिए गए। इसके 3 दिन के बाद 11 अप्रैल को गांव के ही रहीम (55) और उसके पुत्र ईदुल मोहम्मद (35) की हत्या कर दी गई थी। इस दौरान क्षेत्र में धारा 144 लगा दी गई थी। गांव में तो 2 सप्ताह तक कर्फ्यू लगा रहा।भुनेश्वर की हत्या मामले में भी 12 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। हालांकि, भुनेश्वर की हत्या के मामले में रायपुर की सीबीआई कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। सभी आरोपी जेल में बंद हैं। वहीं रहीम और ईदुल मोहम्मद का जो मामला बेमेतरा के कोर्ट में चल रहा था, उस केस के 17 आरोपी दोष मुक्त हो गए हैं।
































