


रायपुर: जहां राजधानी रायपुर ग्रामीण में होली के दिन महज पांच घंटे के भीतर तीन हत्या की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए, वहीं न्यायधानी बिलासपुर में पुलिस की सख्त रणनीति, चौक-चौराहों पर भारी पुलिस बल की तैनाती और लगातार पेट्रोलिंग के कारण असामाजिक तत्व पूरे दिन दुबके रहे। पुलिस की मुस्तैदी और लोगों के सहयोग से इस बार शहर में होली का त्योहार अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
होली पर्व के दौरान जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आई। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देशन में पुलिस अधिकारी और जवान सुबह से ही शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर तैनात रहे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण असामाजिक तत्व और बदमाश पूरे दिन अपने ठिकानों में ही दुबके रहे। इक्का-दुक्का घटनाओं को छोड़ दें तो पूरे जिले में होली का त्योहार शांति और उत्साह के माहौल में मनाया गया।
होली के दिन सुबह से ही शहर में रंगों और उमंग का माहौल दिखाई दिया। लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर त्योहार की बधाई देते रहे। शहर के मोहल्लों और कॉलोनियों में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में होली को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।त्योहार को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, संवेदनशील इलाकों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसके साथ ही लगातार पेट्रोलिंग भी की जाती रही और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए रिजर्व टीम को भी तैयार रखा गया था। पुलिस की सक्रियता के कारण शहर में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर लगाम लगी रही।जिले के सबसे बड़े थाना क्षेत्रों सरकंडा और सिविल लाइन में भी पुलिस की टीमें लगातार सक्रिय रहीं। मामूली घटनाओं को छोड़कर पूरा शहर होली की खुशियों में सराबोर रहा और लोगों ने उत्साह के साथ एक-दूसरे को रंग लगाकर त्योहार की शुभकामनाएं दीं।
एसएसपी ने संभाली कमान, 72 घंटे तक चलती रही निगरानी
होली पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए बिलासपुर पुलिस ने इस बार विशेष रणनीति अपनाई थी। एसएसपी रजनेश सिंह खुद मैदान में उतरकर होली बंदोबस्त ड्यूटी की कमान संभाले रहे और पुलिस अधिकारियों व जवानों के साथ लगातार निगरानी करते नजर आए।लगातार करीब 72 घंटे तक पुलिस टीमों ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, संवेदनशील इलाकों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सघन निगरानी रखी। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार पेट्रोलिंग की जाती रही और ड्यूटी पर तैनात जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला भी बढ़ाया गया।इसी दौरान एसएसपी ने लगातार ड्यूटी कर रहे पुलिस जवानों से हाथ मिलाकर उनकी मेहनत और समर्पण की सराहना की और उन्हें सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।
पुलिस की कड़ी निगरानी और सजगता का ही परिणाम रहा कि बिलासपुर में होली का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और कहीं भी किसी प्रकार की बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। पुलिस प्रशासन की इस सक्रियता को शहरवासियों ने भी सराहा और इस बार की होली शांति और सौहार्द की मिसाल बनकर सामने आई।
एसएसपी ने खुद संभाली कमान, अधिकारी भी रहे सक्रिय
सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए एसएसपी रजनेश सिंह खुद मैदान में मौजूद रहे। एएसपी पंकज पटेल, एएसपी मधुलिका सिंह, एएसपी रामगोपाल करियारे, सीएसपी निमितेष सिंह और सीएसपी गगन कुमार (आईपीएस) दिनभर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोलिंग करते रहे। अधिकारियों ने पुलिस टीमों को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा
“पिछले वर्ष की तुलना में बहुत कम छिटपुट विवाद हुए हैं और कोई भी गंभीर घटना नहीं हुई है। पुलिस ने अपनी रणनीति के तहत असामाजिक तत्वों पर नजर रखी और जो लोग अपराध से तौबा नहीं कर पा रहे थे, उन्हें गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की गई। शहर और देहात के सभी चौक-चौराहों और महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे सभी लोग विशेषकर महिलाएं और बच्चे सुरक्षित और निर्भीक होकर त्योहार का आनंद ले सके। यह सब बिलासपुरवासियों के विश्वास और सहयोग से संभव हो सका, यही सामुदायिक पुलिसिंग है।”
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा,“नशे को कहें ना और जीवन को कहें हां। युवा ही देश का भविष्य हैं। अपराध से दूर रहें और स्वस्थ रहें।”































