


रायपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों के सामने 3.95 करोड़ रुपये के इनाम वाले 108 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सुंदरराज पट्टिलिंगम ने बताया कि माओवादियों की 'दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी)' के कैडरों ने जिला मुख्यालय जगदलपुर में आत्मसमर्पण किया। आईजी सुंदरराज ने कहा कि आज यानी 11 मार्च को एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि 108 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। वहीं, पुलिस ने एंटी-नक्सल ऑपरेशन के दौरान 1 kg सोना और कैश बरामद किया।
भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद
आईज सुंदरराज ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडरों से प्राप्त सूचना और अन्य सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने कार्रवाई करते हुए एके-47, इंसास, एलएमजी, बीजीएल सहित कुल 101 घातक हथियारों की बरामदगी विभिन्न 'डम्पों' से की, जो नक्सल विरोधी अभियानों की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में एक ही स्थल से सर्वाधिक 3.61 करोड़ रुपये नगद और 1.64 करोड़ रुपये मूल्य का एक किलोग्राम सोना माओवादियों के 'डम्प' से बरामद किया गया है।
सुंदरराज ने कहा कि बड़ी संख्या में माओवादी कैडरों का हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नक्सली विचारधारा अब कमजोर पड़ चुकी है और संगठन के भीतर भी उसके औचित्य पर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। इस बीच, राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सरकार का मकसद 31 मार्च, 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करना है।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने कही ये बातें
विजय शर्मा ने रायपुर में संवाददाताओं से कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले 108 कैडर में से छह डिवीज़नल कमेटी सदस्य (डीवीसीएम), तीन कंपनी प्लाटून कमेटी कमांडर, 18 पीपीसीएम (प्लाटून पार्टी कमेटी मेंबर), 23 एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम ) और 56 पार्टी सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि बीजापुर के 37, दंतेवाड़ा के 30, सुकमा के 18, बस्तर के 16, नारायणपुर के चार और कांकेर के तीन माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
































