Ghuskhor Pandat: देशभर में OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। फिल्म के टाइटल को लेकर उठे विरोध के बीच अब केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पहले फिल्म के टीजर को हटाने के निर्देश दिए गए थे और अब फिल्म के टाइटल को हटाने के लिए भी केंद्र सरकार ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। यह फैसला उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के अनुरोध के बाद लिया गया है।

Ghuskhor Pandat Controversy की शुरुआत फिल्म के नाम से हुई, जिसे लेकर एक विशेष समुदाय की भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया गया। सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर फिल्म के टाइटल को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। विरोध करने वालों का कहना था कि फिल्म का नाम आपत्तिजनक है और इससे समाज विशेष की छवि को ठेस पहुंचती है। इसी विवाद को देखते हुए पहले केंद्र सरकार ने फिल्म के टीजर को OTT प्लेटफॉर्म से हटाने के निर्देश दिए।

अब विवाद के और बढ़ने के बाद उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। उनके अनुरोध पर केंद्र सरकार ने फिल्म के टाइटल को हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। माना जा रहा है कि इस फैसले का उद्देश्य सामाजिक सौहार्द बनाए रखना और अनावश्यक विवाद को रोकना है।

Ghuskhor Pandat Controversy ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि फिल्मों और वेब कंटेंट में नामकरण और प्रस्तुति के दौरान सामाजिक संवेदनशीलता का कितना ध्यान रखा जाना चाहिए। हालांकि फिल्म निर्माताओं की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि फिल्म का नया टाइटल क्या रखा जाता है और OTT प्लेटफॉर्म पर इसकी रिलीज किस रूप में होती है।

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