Barwani Triple Talaq:  बड़वानी जिले से एक बार फिर तीन तलाक का गंभीर मामला सामने आया है, जिसने सामाजिक सोच और महिलाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता के अनुसार, दो बेटियों के जन्म के बाद उसके साथ ससुराल में लगातार भेदभाव और प्रताड़ना की गई।

शादी के बाद बदला परिवार का रवैया

महिला ने बताया कि उसकी शादी साल 2023 में राजपुर निवासी जाहिद से हुई थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन गर्भावस्था के दौरान ही बेटे की चाहत को लेकर दबाव बनाया जाने लगा। साल 2024 में पहली बेटी के जन्म के बाद ही ससुराल वालों का व्यवहार बदल गया। पति का रवैया ठंडा हो गया और ताने शुरू हो गए।

दूसरी बेटी के बाद बढ़ी ज्यादती

साल 2025 में दूसरी बेटी के जन्म के बाद स्थिति और बिगड़ गई। पीड़िता का आरोप है कि उसे रोजाना मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। बेटे की चाहत में ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग भी शुरू कर दी थी।

फोन पर दिया तीन तलाक, परिवार के सामने भी दोहराया

पीड़िता जब ईद के मौके पर अपने मायके आई थी, तभी पति ने फोन कर 'तलाक, तलाक, तलाक' कहकर रिश्ता खत्म कर दिया। इसके बाद जब पीड़िता के परिजन समझाने के लिए आरोपी के घर पहुंचे, तो उसने उनके सामने भी तीन तलाक दोहरा दिया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

मामले में पुलिस ने आरोपी जाहिद मंसूरी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि तलाक की प्रक्रिया कानून के अनुरूप नहीं अपनाई गई। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कानून में तीन तलाक पर स्पष्ट रोक

सुप्रीम कोर्ट पहले ही 'तलाक ए बिद्दत' यानी एक साथ तीन तलाक की प्रथा को असंवैधानिक घोषित कर चुका है। इसके बाद केंद्र सरकार ने मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 लागू किया, जिसके तहत एक साथ तीन तलाक देना गैरकानूनी है।

सामाजिक सोच पर उठे सवाल

यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि आज भी समाज के कुछ हिस्सों में बेटियों को लेकर भेदभाव की सोच बनी हुई है। कानून सख्त होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं और इनके खिलाफ जागरूकता और कड़ी कार्रवाई दोनों जरूरी हैं।

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