

बीजापुर: बीजापुर जिला मुख्यालय में वन भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ नगर पालिका की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। न्यू बस स्टैंड के पीछे बसे अतिक्रमणकारियों के मकानों पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। इस कार्रवाई में 55 से अधिक घरों को तोड़ा गया है। नगर पालिका की इस कार्रवाई से प्रभावित लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। वहीं कब्जाधारियों का आरोप है कि उन्हें किसी भी तरह का नोटिस नहीं दिया गया।
बीजापुर नगर पालिका क्षेत्र के न्यू बस स्टैंड के पीछे शुक्रवार को अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। नगर पालिका की राजस्व टीम तीन बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची और वन भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए मकानों को गिराने का काम शुरू किया। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार इस इलाके में करीब 75 से अधिक मकान अवैध रूप से बनाए गए थे, जिन्हें हटाने के लिए पिछले कुछ महीनों में ग्रामीणों को पांच बार नोटिस जारी किया गया था। नोटिस की लगातार अवहेलना के बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा।
हालांकि, कार्रवाई से प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन के दावों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्हें किसी भी प्रकार का कोई नोटिस या पूर्व सूचना नहीं दी गई। ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि ठंड के इस मौसम में वे अपने छोटे बच्चों के साथ कहां जाएंगे। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।कार्रवाई के दौरान लोगों का गुस्सा भी देखने को मिला, लेकिन मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमले और पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित रखा। समाचार लिखे जाने तक कार्रवाई लगातार जारी थी और जानकारी के अनुसार 100 से अधिक मकानों को तोड़ा जा चुका है।
फिलहाल नगर पालिका की इस कार्रवाई को लेकर बीजापुर में माहौल गरमाया हुआ है।






















