


नई दिल्ली: चुनाव आयोग के द्वारा भारत के कई राज्यों में वोटर लिस्ट के रीविजन के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चलाई जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को तमिलनाडु में SIR के आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, तमिलनाडु में SIR के तहत करीब 97 लाख वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। चुनाव आयोग ने कहा है कि SIR की प्रक्रिया में सभी मतदाताओं और सभी राजनीतिक दलों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
चुनाव आयोग के मुताबिक, तमिलनाडु में 19.12.2025 तक, 6,41,14,587 मतदाताओं में से, 5,43,76,755 मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म जमा कर दिए हैं। ये आंकड़ा SIR के पहले चरण में जबरदस्त भागीदारी को दर्शाता है।
तमिलनाडु में SIR के आंकड़े
स्थानांतरित/अनुपस्थित- 66.4 लाख, 10.36%
ER में कई जगहों पर इनरोल्ड- 3.98 लाख, 0.62%
मृतक- 26.9 लाख, 4.20%
मतदाताओं से EF एकत्र किया गया- 5.43 करोड़, 84.81%
क्यों हटाए गए नाम?
चुनाव आयोग के मुताबिक, BLO को ये वोटर्स नहीं मिले या उनके गणना फॉर्म वापस नहीं मिले, इसका कारण है कि-:
ये वोटर्स अन्य राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के वोटर बन गए, या
अस्तित्व में नहीं पाए गए, या14 दिसंबर 2025 तक फॉर्म नहीं जमा कर पाए, या
किसी न किसी कारण से वोटर के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराने के इच्छुक नहीं थे अगर कोई छूट गया, उनका क्या?
चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि 19.12.2025 से 18.01.2026 तक दावे और आपत्ति का समय निर्धारित किया गया है। इस दौरान वास्तविक मतदाताओं को अभी भी वोटर लिस्ट में वापस जोड़ा जा सकता है।
कैसे पूरी की गई SIR की प्रक्रिया?
चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि तमिलनाडु में SIR के इस चरण का सफल समापन सभी 38 जिलों के डीईओ, 234 EROS, 776 AEROS और 68,467 मतदान केंद्रों पर तैनात 68,467 BLOs के प्रयासों का रिजल्ट है। 48,873 वॉलंटियर्स ने भी उन्हें सपोर्ट किया। इसके साथ ही 12 राजनीतिक पार्टियों के क्षेत्रीय प्रतिनिधियों, जिनमें उनके जिला अध्यक्ष भी शामिल थे, उन्होंने भी इस पूरी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लिया, उनके द्वारा 2,46,069 बूथ लेवल एजेंट (BLA) को नियुक्त किया गया था।
































