बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। थाना तर्रेम क्षेत्र के दुर्गम जंगल-पहाड़ी इलाके में 5 फरवरी 2026 को हुए मुठभेड़ में दक्षिण बस्तर डिवीजन का शीर्ष कैडर DVCM उधम सिंह मारा गया। उस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। मौके से एक ऑटोमैटिक AK-47 राइफल, विस्फोटक सामग्री और अन्य माओवादी सामान बरामद किया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दक्षिण बस्तर डिवीजन के DVCM उधम सिंह एवं अन्य सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना पर DRG बीजापुर और कोबरा की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। 5 फरवरी की सुबह करीब 7 बजे से सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। मुठभेड़ के बाद सर्च के दौरान उधम सिंह का शव बरामद हुआ।

मुठभेड़ स्थल से 01 नग AK-47, दो मैग्जीन, 28 राउंड, कार्डेक्स वायर, वायरलेस सेट, मोबाइल, पाउच, पिट्ठू, टिफिन बैग सहित अन्य माओवादी सामग्री जब्त की गई है। प्रारंभिक पहचान में मारे गए नक्सली की पुष्टि DVCM उधम सिंह, प्लाटून नंबर-30 के इंचार्ज के रूप में हुई है। वह थाना बासागुड़ा क्षेत्र के कोत्तागुड़ा का निवासी था और वर्ष 2002-03 में संगठन में शामिल हुआ था। वह लंबे समय से छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर सक्रिय था और बीते तीन वर्षों से पामेड़ एरिया कमेटी में कार्यरत था।

पुलिस के अनुसार, उधम सिंह के खिलाफ बीजापुर जिले के विभिन्न थानों में कुल 9 आपराधिक मामले दर्ज थे। वह वर्ष 2023 में थाना तर्रेम क्षेत्र के गुंडम जंगल में पुलिस पार्टी पर हमले, 2024 में पुतकेल-चिपुरभट्टी जंगल मुठभेड़ तथा जिड़पल्ली कैंप हमले जैसी बड़ी वारदातों में शामिल रहा था।

इस संबंध में बीजापुर जिला मुख्यालय में बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी., डीआईजी ऑप्स बीएस नेगी और एसपी डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने संयुक्त रूप से जानकारी दी। एसपी डॉ. यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में अलग-अलग मुठभेड़ों में 163 माओवादी मारे गए, जबकि 2026 में अब तक 11 नक्सली ढेर हुए हैं। जनवरी 2024 से अब तक 232 माओवादी मारे जा चुके हैं, 1163 गिरफ्तार हुए हैं और 888 ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!