बलरामपुर बलरामपुर जिले के थाना कोरंधा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तर्रीपानी-खजूरी में अवैध मादक पदार्थ अफीम की खेती के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में चौथे आरोपी को झारखंड के चतरा जिले से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजन यादव (38 वर्ष), निवासी ग्राम चाया, थाना कंदा, जिला चतरा (झारखंड) के रूप में हुई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 12 मार्च 2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम तर्रीपानी-खजूरी में सहादुर नगेशिया और दुईला नगेशिया द्वारा अपने खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस, प्रशासन एवं एसएफएल की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान खेत में अफीम की फसल पाई गई, जहां मौजूद दोनों आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया।मौके से अफीम की फसल को जड़, तना, पत्ती, फूल और फल सहित उखाड़कर जब्त किया गया। जब्त सामग्री का कुल वजन 1883.76 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 के तहत अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एंड-टू-एंड विवेचना शुरू की, जिसमें फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन और नेटवर्क की भी जांच की गई। जांच के दौरान सामने आया कि झारखंड निवासी भूपेंद्र उरांव ने अधिक मुनाफे का लालच देकर स्थानीय आरोपियों से अफीम की खेती कराई थी। पुलिस ने भूपेंद्र उरांव को भी पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि अफीम की बिक्री झारखंड के ही राजन यादव को की जाती थी।इसके बाद पुलिस टीम ने राजन यादव की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए। आरोपी बार-बार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 9 अप्रैल 2026 को उसकी सटीक लोकेशन मिलने पर उसे चतरा (झारखंड) से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को छत्तीसगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और मामले में अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।

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