

उज्जैन : में आयोजित होने वाले सिंहस्थ 2028 को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए इस बार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना प्राथमिकता में रखा गया है।
अस्पतालों के कायाकल्प की योजना
सरकार इंदौर से उज्जैन के बीच आने वाले सरकारी अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए बड़ा बजट तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि आयोजन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को तुरंत और बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
इस दिशा में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की है। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुधार के लिए कई प्रस्ताव रखे गए।
एमवाय अस्पताल के लिए 775 करोड़ का बजट
इंदौर के प्रमुख एमवाय अस्पताल के विकास के लिए 775 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। यह अस्पताल रोजाना हजारों मरीजों का इलाज करता है, ऐसे में सिंहस्थ के दौरान इसकी भूमिका और अहम हो जाएगी।
ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों का भी होगा उन्नयन
सांवेर विधानसभा क्षेत्र में स्थित सीएचसी और पीएचसी सहित 30 लाख से अधिक लोगों को कवर करने वाली स्वास्थ्य संस्थाओं को भी अपग्रेड किया जाएगा। इससे ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों में भी आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
इन क्षेत्रों पर रहेगा खास ध्यान
बैठक में शिप्रा, धरमपुरी और सांवेर जैसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। इन इलाकों में अतिरिक्त संसाधन और सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित इलाज सुनिश्चित किया जा सके।
इंदौर मॉडल को अन्य शहरों में लागू करने की तैयारी
इंदौर के सफल स्वास्थ्य मॉडल को देखते हुए इसे अन्य शहरों में लागू करने की योजना भी बनाई जा रही है। मंत्री तुलसीराम सिलावट ने ग्वालियर में भी इसी तरह के विकास कार्यों का सुझाव दिया है।

































