झारखंड : के चाईबासा जिले के सारंडा जंगल में नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच बड़ी मुठभेड़ चल रही है। झारखंड पुलिस के अनुसार, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और मुठभेड़ के दौरान कई नक्सलियों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और अभियान को और तेज कर दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को छोटा नागरा थाना क्षेत्र में बड़े नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद संयुक्त सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही सुरक्षा बल नक्सलियों के करीब पहुंचे, माओवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए फायरिंग की, जिसके बाद इलाके में भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई।

सारंडा जंगल झारखंड में नक्सलियों का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है। पुलिस के अनुसार, झारखंड में नक्सलियों की कमान एक करोड़ रुपये के इनामी पोलित ब्यूरो मेंबर मिसिर बेसरा के हाथ में है। उसके साथ करीब 60 खूंखार नक्सलियों की टीम सक्रिय है, जिसमें केंद्रीय कमेटी के सदस्य अनल दा और असीम मंडल समेत झारखंड-बिहार स्पेशल एरिया कमेटी के सदस्य सुशांत जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

पुलिस का कहना है कि नक्सलियों के पास अब सरेंडर के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। जहां छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों में बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं, वहीं सारंडा क्षेत्र में अब तक ऐसी कोई बड़ी पहल देखने को नहीं मिली है। इसी वजह से सुरक्षा बलों ने निर्णायक अभियान शुरू कर दिया है और कोल्हान तथा पोड़ाहाट जैसे क्षेत्रों में ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले 17-18 जनवरी को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में हुई मुठभेड़ में छह नक्सली मारे गए थे और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे। Jharkhand Naxal Encounter से यह संकेत मिल रहा है कि सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक चरण में पहुंच चुके हैं और आने वाले दिनों में बड़े नतीजे सामने आ सकते हैं।

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