


रायपुर : के आमानाका थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एम्स रायपुर में पदस्थ एक नर्सिंग ऑफिसर को बिजली विभाग का कर्मचारी बनकर जालसाजों ने अपना शिकार बना लिया और उनके खाते से 1.64 लाख रुपये पार कर दिए।
नए बिजली कनेक्शन के बहाने रची साजिश
पुलिस के अनुसार, हीरापुर स्थित हर्षित विहार निवासी हरकेश सिंह यादव अपने नए मकान के लिए बिजली कनेक्शन ले रहे थे। 25 मार्च को उनके घर मीटर भी लग चुका था। इसके अगले ही दिन 26 मार्च को उन्हें एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया।
कॉलर ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा कि मीटर का वेरिफिकेशन बाकी है और इसके लिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
APK फाइल बन गई ठगी का हथियार
जालसाज ने भरोसा जीतने के लिए मीटर का सही BP नंबर भी बताया। इसके बाद उसने व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी और उसे इंस्टॉल कर अपनी जानकारी भरने को कहा।
फॉर्म भरने के बाद ठग ने मात्र 13 रुपये की फीस जमा करने को कहा। जैसे ही पीड़ित ने अपने HDFC Bank क्रेडिट कार्ड की जानकारी दर्ज की, उनके मोबाइल पर लगातार ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे।
दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन में निकाले पैसे
पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगों ने पीड़ित के खाते से रकम दो हिस्सों में ट्रांसफर की। एक ट्रांजेक्शन Blinkit के जरिए और दूसरा Apple से जुड़े खाते में किया गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
आमानाका पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और ठगों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है।
ऐसे रहें सतर्क
इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि अनजान नंबर से आए कॉल और APK फाइल जैसे लिंक पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है। किसी भी तरह की केवाईसी या वेरिफिकेशन प्रक्रिया के नाम पर निजी जानकारी साझा करने से पहले पूरी तरह जांच करना जरूरी है।

































