


बलरामपुर: बलरामपुर जिले के थाना शंकरगढ़ क्षेत्र में मवेशियों के साथ क्रूरता और अवैध तस्करी का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झारखंड के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 मवेशियों को सुरक्षित मुक्त कराया है। यह कार्रवाई हिंदू युवा मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा दी गई सूचना के आधार पर की गई।
दरअसल यह घटना 03 फरवरी 2026 की है। संगठन के सदस्यों को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग मवेशियों को बेरहमी से मारते-पीटते हुए भागवतपुर की ओर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों को साथ लेकर भागवतपुर मोड़ के पास नजर रखी। कुछ देर बाद पांच संदिग्ध व्यक्ति 10 मवेशियों को हांकते हुए आते दिखाई दिए। ग्रामीणों और पुलिस स्टाफ ने तत्काल घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया।पकड़े गए लोगों से जब मवेशियों के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि मवेशियों को कटिंग (वध) के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। आरोपियों के इस कृत्य को कानून के तहत गंभीर अपराध मानते हुए पुलिस ने मवेशियों को अपने कब्जे में लेकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर भिजवाया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विजय मिंज (35), विरेन्द्र तिर्की (45), रोहित तिर्की (30), समित तिर्की (25) — सभी निवासी ग्राम उचडीह, थाना रायडीह, जिला गुमला (झारखंड) तथा करमा उरांव (55), निवासी मलई, थाना पालकोट, जिला गुमला (झारखंड) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 19/2026 के तहत छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 व 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)घ में मामला दर्ज किया है। गवाहों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण और जब्ती के आधार पर आरोप प्रमाणित पाए गए हैं।
सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
































