


रायगढ़: जिले में पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चल रहे ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत घरघोड़ा और लैलूंगा पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए 7 मवेशी तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तस्करों के कब्जे से 18 गौवंश को मुक्त कराया है, जिन्हें क्रूरतापूर्वक बिना चारा-पानी के ले जाया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार 2 मार्च को राष्ट्रीय गौसेवा वाहिनी संघ के पदाधिकारियों केदारनाथ साहू, वेद राणा और मोहिलेश झरिया से मिली सूचना के आधार पर घरघोड़ा पुलिस ने ग्राम कुडूमकेला क्षेत्र में घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस ने दो महिंद्रा पिकअप वाहन (CG-13-AK-5603 और CG-13-AQ-7900) को रोका, जिनमें 10 बैलों को रस्सियों से बेरहमी से बांधकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से आत्माराम चौहान, शंभुसाय पैंकरा, संतोष कुमार राठिया, विजय कुमार मांझी और बुधराम राठिया को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही दोनों पिकअप वाहन भी जब्त कर लिए गए। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
वहीं 3 मार्च को होली ड्यूटी के दौरान लैलूंगा थाना प्रभारी गिरधारी साव को सूचना मिली कि कुछ लोग कच्चे रास्ते से गौवंश को पीटते हुए उड़ीसा की ओर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तोलमा-जरलापारा मार्ग पर दबिश दी और 8 गौवंश को मुक्त कराया। इस मामले में गोपी यादव और सुकरू लकड़ा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और छत्तीसगढ़ पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
मामले की पुष्टि करते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि रायगढ़ जिले में गौवंश तस्करी और पशु क्रूरता के खिलाफ पुलिस की नीति “जीरो टॉलरेंस” की है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत अवैध पशु परिवहन करने वालों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।































