

छत्तीसगढ़ : के चर्चित Bhupesh Baghel Sex CD Case में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि सेशन कोर्ट ने CBI की रिव्यू पिटीशन मंजूर कर ली है। अब भूपेश बघेल के खिलाफ दोबारा मुकदमा चलेगा और उन्हें अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
इससे पहले 4 मार्च 2025 को CBI की विशेष अदालत ने यह कहते हुए भूपेश बघेल को आरोपों से मुक्त कर दिया था कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का पर्याप्त आधार नहीं है। इस फैसले के खिलाफ CBI ने सेशन कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी, जिस पर अब सुनवाई पूरी हो चुकी है और कोर्ट ने केस फिर से शुरू करने का आदेश दिया है।
इस मामले में कारोबारी कैलाश मुरारका और पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा ने भी खुद को आरोपों से मुक्त करने के लिए आवेदन किया था, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी। वर्तमान में इस केस में भूपेश बघेल, कैलाश मुरारका, विनोद वर्मा, विजय भाटिया और विजय पांड्या आरोपी हैं।
Bhupesh Baghel Sex CD Case की शुरुआत अक्टूबर 2017 में हुई थी, जब एक कथित सेक्स सीडी सामने आई थी, जिसे पूर्व मंत्री राजेश मूणत से जुड़ा बताया गया। रायपुर के सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज हुआ और जांच बाद में CBI को सौंप दी गई। 28 अक्टूबर 2017 को विनोद वर्मा की गिरफ्तारी हुई, जबकि 2018 में भूपेश बघेल को भी गिरफ्तार किया गया था।
सात साल बाद 2025 में भूपेश बघेल को बरी किया गया था, लेकिन अब सेशन कोर्ट के फैसले से यह मामला फिर चर्चा में आ गया है। प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।






















