भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले की लहार सीट से विधायक अंबरीश शर्मा ने अपनी ही सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि विधानसभा स्तर पर अधिकारियों के रवैए से वे बेहद परेशान हैं और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।

धरने के दौरान विधायक शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और तानाशाही के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “हम संसकारी पार्टी के संसकारी विधायक हैं। अगर हमने एक राक्षस से 35 साल लड़ सकते हैं, तो अधिकारी तो संभाल सकते हैं।”

अंबरीश शर्मा ने तीन प्रमुख मुद्दों को उठाया:

  1. सड़क कब्जा: पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह द्वारा दलित-पिछड़ी बस्ती के सरकारी रास्ते पर कब्जा करने और कोठी बनाने का आरोप। 595 दिनों से धरने पर बैठे स्थानीय लोगों की सुनवाई नहीं हुई।
  2. बिजली बिल और धमकियां: बिजली कंपनी की उप-महाप्रबंधक (डीजीएम) पर ग्रामीणों को धमकाने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप। गलत बिल और बिना कारण कनेक्शन काटने की शिकायत भी शामिल है।
  3. रेत खदान बंद: प्रशासन ने साजिश के तहत लहार क्षेत्र की रेत खदानें बंद कर दी हैं। इसके कारण रेत की कीमत 5,000 रुपये से बढ़कर 11,000 रुपये तक पहुंच गई और निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

विधायक शर्मा ने सीएम मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भी मुलाकात की और क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी दी। उनका कहना है कि जब प्रशासन समाधान नहीं कर सका, तो जनता की भलाई के लिए उन्हें धरने पर बैठना पड़ा।

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