बलरामपुर: बलरामपुर जिले के रामानुजगंज अंतर्गत
ग्राम भवरमाल में मनरेगा कार्यों में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच के दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। शिकायतकर्ता नरेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया है कि जांच के समय कुछ लोगों ने उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारपीट की धमकी दी और अभद्र गालियां दीं। मामले में बलरामपुर पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर केस दर्ज करने की मांग की गई है। ग्राम पंचायत भवरमाल में मनरेगा कार्यों में अनियमितता और घोटाले की शिकायत 28 जनवरी 2026 को जिला जनदर्शन में कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की गई थी। इसके बाद 5 फरवरी को जिला जांच टीम पंचायत भवन पहुंची थी, जहां प्रारंभिक पूछताछ की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस दौरान कुछ लोग नशे की हालत में मौजूद थे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया था, 9 फरवरी 2026 को दोपहर पुनः जांच की कार्यवाही की गई। नरेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान कुछ व्यक्तियों के नाम फर्जी हाजिरी के मामले में सामने आने लगे, जिसके बाद कथित रूप से संबंधित पक्षों द्वारा उन्हें बाहर बुलाकर भड़काया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यस्थल निरीक्षण के दौरान उनके साथ सार्वजनिक रूप से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया तथा मारपीट की धमकी दी गई।
शिकायत में शैलेश गुप्ता और उत्तमलाल गुप्ता सहित अन्य लोगों का नाम अंकित है। शिकायतकर्ता का कहना है कि गाली गलौज करने वाले प्रभावशाली एवं राजनीतिक रूप से जुड़े हुए हैं, जिससे उन्हें और उनके परिवार को भविष्य में खतरा हो सकता है।नरेन्द्र सिंह, जो खैरवार/खेरवार/खरवार आदिवासी विकास परिषद के जिला अध्यक्ष (युवा प्रभाग),ज़िला उपाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज (युवा प्रभाग) ने मामले में निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!