

कोलकाता। भवानीपुर चुनाव 2026 इस बार बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। ममता बनर्जी अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट से मैदान में हैं, लेकिन इस बार उनके सामने कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
भवानीपुर सीट को टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता है, लेकिन इस बार भाजपा ने यहां से सुवेंदु अधिकारी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, टीएमसी के पूर्व नेता हुमायूं कबीर ने अलग पार्टी बनाकर मुस्लिम वोट बैंक को साधने के लिए अपना प्रत्याशी मैदान में उतार दिया है। इससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
भवानीपुर चुनाव 2026 में सबसे बड़ा सवाल मुस्लिम वोटों को लेकर है। अब तक यह समुदाय ममता बनर्जी का मजबूत समर्थन करता रहा है, लेकिन इस बार पूनम बेगम के मैदान में उतरने से वोटों में बंटवारे की संभावना बढ़ गई है।
पिछले चुनाव में ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने इस बार सुरक्षित मानी जाने वाली भवानीपुर सीट चुनी। हालांकि, यहां भी राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।
भवानीपुर में करीब 20 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं, जो किसी भी उम्मीदवार की जीत-हार तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे में हुमायूं कबीर का दांव कितना असर दिखाएगा, यह देखने वाली बात होगी।
भवानीपुर चुनाव 2026 अब केवल एक सीट का मुकाबला नहीं रह गया है, बल्कि यह पश्चिम बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने वाला अहम चुनाव बनता जा रहा है।

































