

छत्तीसगढ़ : बिलासपुर में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां उत्तर प्रदेश से आए एक विवाहित जोड़े ने ज्वेलरी शॉप में नकली सोने के गहनों को असली बताकर बड़ा फर्जीवाड़ा करने की कोशिश की, लेकिन उनकी योजना ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी।यह घटना बिलासपुर के सदर बाजार स्थित एक ज्वेलरी दुकान की है, जहां आरोपी दंपती ने सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की कोशिश की।
असली-नकली का खेल खेलने पहुंचे पति-पत्नी
जानकारी के अनुसार वाराणसी निवासी पति-पत्नी दुकान में पहुंचे और 18 कैरेट हॉलमार्क वाले गहनों के नाम पर दुकानदार को भ्रमित करने की कोशिश की।
दोनों का प्लान था कि नकली गहनों को असली बताकर बदले में नए आभूषण हासिल कर लिए जाएं।शुरुआत में उन्होंने आत्मविश्वास के साथ दुकानदार को भरोसे में लेने की कोशिश की, लेकिन उनकी चालाकी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी।
दुकानदार की सतर्कता से खुली सच्चाई
ज्वेलरी देखते ही दुकानदार को गहनों पर शक हो गया, क्योंकि उनका वजन सामान्य से कम था।
इसके बाद गहनों की मशीन से जांच की गई, जिसमें साफ हो गया कि वह सोना असली नहीं बल्कि नकली है।जैसे ही सच्चाई सामने आई, दोनों आरोपियों के होश उड़ गए और उनकी ठगी की योजना वहीं टूट गई।
मौके पर पहुंची पुलिस, दोनों आरोपी गिरफ्तार
दुकानदार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पूनम वर्मा और संजय वर्मा के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उनके पास से नकली टॉप्स और अंगूठी भी बरामद की गई।
धोखाधड़ी का मामला दर्ज, जेल भेजे गए आरोपी
पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
अधिकारियों के अनुसार दुकानदार की सतर्कता के कारण लाखों रुपये की ठगी की बड़ी साजिश समय रहते उजागर हो गई, जिससे एक बड़ा नुकसान टल गया।

































