अम्बिकेश गुप्ता

कुसमी। नगर पंचायत कुसमी के वार्ड क्रमांक 07 के पार्षद सकील अंसारी द्वारा लोक निर्माण विभाग को ज्ञापन सौंपकर मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर तत्काल मरम्मत की मांग की गई है।

सकिल ने आवेदन में बताया कि बाबा चौक से प्रारंभ होकर तहसील कार्यालय, बस स्टैंड, शिव मंदिर चौक होते हुए संत अन्ना स्कूल तक जाने वाला मुख्य मार्ग वर्तमान में अत्यंत खराब स्थिति में पहुंच चुका है। आवेदन के अनुसार सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिससे राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, वहीं सड़क से उड़ने वाली धूल के कारण आस-पास के निवासियों और दुकानदारों को भी गंभीर दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। दुकानों में धूल जमने से व्यापार प्रभावित हो रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।

पार्षद सकील अंसारी ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि मानसून आने में अब बहुत कम समय शेष है, ऐसे में यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। उन्होंने विभाग से अनुरोध किया है कि तत्काल डामरीकरण एवं पैच वर्क कराकर सड़क को सुचारू बनाया जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

सड़क मरम्मत को लेकर लोक निर्माण विभाग गंभीर नहीं, गारंटी पीरियड में भी ठेकेदार लापरवाह

कुसमी नगर में सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में आक्रोशीत है। लोक निर्माण विभाग की उदासीनता और ठेकेदार की लापरवाही के चलते सड़कों की हालत खराब हो चुकी है। खास बात यह है कि कई सड़कें अभी गारंटी पीरियड में हैं, इसके बावजूद मरम्मत कार्य नहीं कराया जा रहा है। सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे उभर आए हैं, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। बारिश के दौरान ये गड्ढे और भी खतरनाक हो जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

ज्ञात हो की निर्माण कार्य पूरा होने के बाद एक निश्चित अवधि तक सड़क की गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है। इस दौरान यदि सड़क खराब होती है तो उसकी मरम्मत ठेकेदार को अपने खर्च पर करनी होती है। लेकिन यहां नियमों की अनदेखी कर जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आ रहे हैं। संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा तत्काल निरीक्षण के नाम पर खाना पूर्ति की जाति रही हैं। यदि विभाग अपनी दिलचस्मी से ठेकेदार पर कार्रवाई करते तो सड़क की जर्जर नहीं होती जिससे राहगीरों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल पाती। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो स्थानीय लोग बड़ा आंदोलन भी कर सकते हैं।

Leave a reply

Please enter your name here
Please enter your comment!