नारायणपुर; “शांतिपूर्ण एवं समृद्ध नारायणपुर” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में नारायणपुर पुलिस ने अबूझमाड़ क्षेत्र में वर्ष 2026 का तीसरा सुरक्षा एवं जन सुविधा कैम्प स्थापित किया है। यह नया कैम्प थाना सोनपुर क्षेत्रांतर्गत उत्तर बस्तर के घोर नक्सल प्रभावित ग्राम कुरसकोड़ो में 4 फरवरी 2026 को खोला गया। यह कैम्प “माड़ बचाव अभियान” के तहत नक्सल विरोधी प्रयासों को मजबूती देने के साथ-साथ क्षेत्र में विकास कार्यों को गति प्रदान करेगा।

नवीन कैम्प की स्थापना नारायणपुर पुलिस, डीआरजी तथा बीएसएफ की 129वीं, 178वीं, 83वीं और 133वीं वाहिनी के संयुक्त सहयोग से की गई है। कुरसकोड़ो, जो लंबे समय से माओवादियों का प्रभाव क्षेत्र माना जाता रहा है, अब सुरक्षा बलों की स्थायी उपस्थिति से विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेगा। यह क्षेत्र जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 65 किलोमीटर, थाना सोनपुर से 35 किलोमीटर और कांदुलनार से मात्र 6 किलोमीटर दूर स्थित है।

इस कैम्प का मुख्य उद्देश्य कांदुलनार–कुरसकोड़ो–हचकोटी–आदनार एक्सिस में सड़क निर्माण कार्यों को सुरक्षा प्रदान करना और विकास योजनाओं को निर्बाध रूप से आगे बढ़ाना है। कैम्प खुलने से आसपास के गांव रानीमरका, विवनार, मरकाबेड़ा, चांदपुर, हचकोटी और आदनार को सीधा लाभ मिलेगा। यहां अब सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, मोबाइल नेटवर्क और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार संभव हो सकेगा।

दशकों से अलग-थलग पड़े अबूझमाड़ के इस क्षेत्र को अब मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में यह कैम्प मील का पत्थर साबित होगा। स्थानीय ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना के साथ-साथ विकास को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि स्थायी सुरक्षा व्यवस्था से नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और ग्रामीणों का विश्वास भी मजबूत होगा।

गौरतलब है कि वर्ष 2025 में नारायणपुर पुलिस द्वारा कुतुल, कोडलियार, बेड़माकोटी, पदमकोट, कंडुलपार, नेलांगुर, पांगूड़, रायनार, एडजूम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा, लंका, परियादी, काकुर, बालेबेड़ा, कोडेनार, आदिनपार और मन्दोड़ा सहित कई इलाकों में नए सुरक्षा एवं जन सुविधा कैम्प खोले गए थे। वहीं वर्ष 2026 में जटवर, वाड़ापेंदा और अब कुरसकोड़ो में कैम्प स्थापित किए जा चुके हैं।

इस अभियान में बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुन्दराज, पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुरिया तथा बीएसएफ और जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में संयुक्त बलों की अहम भूमिका रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि अबूझमाड़ को पूरी तरह नक्सलमुक्त कर वहां स्थायी शांति और विकास का वातावरण बनाया जाए।

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