बलरामपुर/अंबिकापुर। कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि यूनियन बजट 2026-27 में छत्तीसगढ़ के गरीबों, किसानों, छात्रों, युवाओं और आदिवासियों के लिए शून्य की राहत है। किसानों को MSP गारंटी नहीं, PM-KISAN में कोई बढ़ोतरी नहीं, सिर्फ हाई-वैल्यू क्रॉप्स के नाम पर दिखावा है। छात्रों-युवाओं को स्किलिंग-जॉब्स की कोई ठोस गारंटी नहीं, सिर्फ AI और टेक्नोलॉजी के बड़े-बड़े दावे है। कोई नई स्कीम, कोई टैक्स राहत, कोई विशेष पैकेज नहीं है। माइनिंग कॉरिडोर और क्रिटिकल मिनरल्स के बहाने अदानी जैसे कॉरपोरेट घरानों को हसदेव अरण्य, बस्तर, सरगुजा की जमीन-जंगल और संसाधनों की खुली लूट का रास्ता है। आदिवासी भाइयों-बहनों की भूमि पर कॉरपोरेट कब्जे की साजिश है। यह बजट नहीं छत्तीसगढ़ की जनता के साथ खुला विश्वासघात है।अगले ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ के तथाकथित माइनिंग कॉरिडोर को चुनिंदा उद्योगपतियों के हवाले करने की तैयारी की जा रही है। राज्य में पहले ही अंधाधुंध खनन से पर्यावरण, आदिवासी समुदाय और स्थानीय संसाधनों को भारी नुकसान पहुंच चुका है। अब इस फैसले के माध्यम से सरकार पूरे छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधनों को निजी हाथों में सौंपने की साजिश रच रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

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