


बलरामपुर। वित्तीय वर्ष 2014–15 में जनपद पंचायत वाड्रफनगर क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में मुरुम मिट्टी, सड़क, पुलिया, तटबंध एवं डब्लूबीएम निर्माण के नाम पर फर्जी बिल व कूटरचित दस्तावेजों के जरिए 30 लाख रुपये से अधिक की शासकीय राशि के गबन के मामले में वर्षों से फरार चल रहे तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा।
पुलिस के अनुसार, जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत तुगंवा, गुडरू, जमई एवं पेण्डारी में मुरुम मिट्टी, सड़क व सह-पुलिया, तटबंध तथा डब्लूबीएम निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिल लगाकर वित्तीय वर्ष 2014–15 में शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया। इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत वाड्रफनगर द्वारा पत्र क्रमांक 1825/मनरेगा/स्था/ज0पं0/2020-21, दिनांक 30/04/2020 को जांच प्रतिवेदन एवं दस्तावेज थाना बसंतपुर, चौकी वाड्रफनगर में प्रस्तुत किए गए थे।जांच प्रतिवेदन के आधार पर वर्ष 2020 में आरोपी अश्विनी कुमार तिवारी, कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा), जनपद पंचायत वाड्रफनगर के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान पूर्व में आरोपी अश्विनी कुमार तिवारी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है। इसके साथ ही प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपी सप्लायर हरिहर यादव, कुजलाल साहू तथा रोजगार सहायक गिरीश यादव को भी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
प्रकरण की विवेचना के दौरान पुलिस अनुविभागीय अधिकारी वाड्रफनगर द्वारा जनपद पंचायत के कर्मचारियों एवं सप्लायरों के धारा 164 दंप्रसं के अंतर्गत कथन माननीय न्यायालय में कराए गए। इसके पश्चात गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध पूरक चालान तैयार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।विवेचना के दौरान आरोपी अश्विनी कुमार तिवारी ने अपने कथन में यह स्वीकार किया कि उसने एस. के. मरकाम एवं एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर कुल ₹30,02,449 की शासकीय राशि का गबन किया है। इस खुलासे के बाद वर्षों से फरार चल रहे तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रवण कुमार मरकाम उर्फ एस. के. मरकाम पिता बिकाऊ राम मरकाम (62 वर्ष) निवासी शिवमन्दिर, महुआपारा, वार्ड क्रमांक 04, थाना गांधीनगर अंबिकापुर को हिरासत में लेकर वाड्रफनगर लाया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा अपना जुर्म स्वीकार किए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। मामले में फरार अन्य आरोपियों की लगातार पतासाजी की जा रही है तथा विवेचना जारी है।
































