मेरठ: देशभर में सुर्खियां बटोरने वाले मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है। सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में फांसी की सजा पाने वाली मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने निचली अदालत के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है। दोनों ने अपनी अपील में न केवल मौत की सजा रद्द करने की मांग की है, बल्कि उन्हें दोषी ठहराए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए हैं।

क्या है नीले ड्रम हत्याकांड?

यह मामला 3 मार्च 2025 का है, जब मेरठ में सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई थी। मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला पर हत्या की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने के आरोप लगे थे। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के मुताबिक, सौरभ के शव के करीब 15 टुकड़े किए गए और उन्हें नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में रखकर सीमेंट के घोल से ढक दिया गया था। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।

हत्या के बाद हिमाचल प्रदेश घूमने गए थे आरोपी

इस हत्याकांड की जांच के दौरान आरोपियों के हिमाचल प्रदेश जाने की बात भी सामने आई थी। घटना के बाद दोनों के घूमने से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने थे। बाद में पुलिस ने मामले की जांच कर दोनों को गिरफ्तार किया और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों का खुलासा किया। इस मामले ने रिश्तों में विश्वासघात और जघन्य अपराध को लेकर व्यापक चर्चा छेड़ दी थी।

पहले फांसी की सजा, अब हाईकोर्ट में अपील

मामले में मेरठ की जिला अदालत ने 30 सितंबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या तथा सबूत मिटाने के मामले में दोषी करार दिया था। इसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई।अब दोनों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख करते हुए निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है। उनकी अपील पर आगे होने वाली सुनवाई में दोषसिद्धि और सजा से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।

फिलहाल, इस चर्चित मामले में सबकी नजरें हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। अदालत में दाखिल अपील के बाद अब यह देखना होगा कि हाईकोर्ट निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखता है, उसमें बदलाव करता है या मामले में कोई अन्य आदेश जारी करता है।

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