बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर वनमंडल में वन्यजीवों की तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर पैंगोलिन के 9 किलो 260 ग्राम शल्क और तेंदुए की एक खाल बरामद की है। मामले में कुल 6 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। वन विभाग की टीम अब आरोपियों से पूछताछ कर तस्करी के नेटवर्क और अन्य संलिप्त लोगों की जानकारी जुटा रही है।

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर पहली कार्रवाई गंगालूर तहसील के ग्राम रेड्डी में की गई। यहां टीम ने छापेमारी कर 9 किलो 260 ग्राम पैंगोलिन के शल्क बरामद किए। इस दौरान चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया। आरोपियों से पूछताछ के दौरान वन्यजीवों के अंगों की कथित तस्करी से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले।इसके आधार पर वन विभाग की टीम ने दूसरी कार्रवाई आवापल्ली तहसील के ग्राम मल्लेपल्ली, बासागुड़ा क्षेत्र में की। यहां से तेंदुए की एक खाल बरामद की गई और दो अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया गया। दोनों कार्रवाइयों में कुल छह आरोपी वन विभाग की पकड़ में आए हैं।

महाराष्ट्र और तेलंगाना तक फैले तस्करी नेटवर्क की जांच

बीजापुर का वन क्षेत्र महाराष्ट्र और तेलंगाना की सीमाओं से लगा हुआ है। इन क्षेत्रों में पहले भी वन्यजीवों के अंगों की अंतरराज्यीय तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में वन विभाग की इस कार्रवाई को तस्करी नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।सितंबर 2026 में चलाए गए 'ऑपरेशन सेफ पैसेज' के दौरान जांच एजेंसियों ने अहेरी-सिरोंचा-जिंगानूर-बीजापुर वन क्षेत्र को वन्यजीव तस्करी के संभावित कॉरिडोर के रूप में चिह्नित किया था। अभियान के विभिन्न चरणों में बाघ की खाल, बाघ के अवशेष और पैंगोलिन के शल्क मिलने की जानकारी भी सामने आई थी।

फिलहाल वन विभाग आरोपियों से पूछताछ कर शिकार के ठिकानों, तस्करी में शामिल अन्य लोगों, अंतरराज्यीय नेटवर्क और संभावित खरीदारों का पता लगाने में जुटा है। जांच के बाद मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।

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