
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच मतदाता सूची में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। प्रदेश के 15 नगरीय निकायों में दिसंबर महीने में मतदान प्रस्तावित है। इनमें चार नगर निगम भी शामिल हैं। चुनाव से पहले राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को दुरुस्त करने में जुटा है, लेकिन प्रारंभिक सूची जारी होते ही कई ऐसी गलतियां उजागर हुई हैं, जिन्होंने चुनावी तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।स्थिति यह है कि कई मतदाताओं के नाम गलत दर्ज किए गए हैं, जबकि कुछ लोगों के रिकॉर्ड में उनका जेंडर तक बदल गया है। पुरुष मतदाताओं को महिला और महिला मतदाताओं को पुरुष के रूप में दर्ज कर दिया गया है। इन गड़बड़ियों को ठीक कराने के लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने दावा-आपत्ति दर्ज कराने की समयसीमा बढ़ाने का फैसला लिया है।
वोटर लिस्ट में नाम से लेकर जेंडर तक में गड़बड़ी
प्रारंभिक मतदाता सूची की जांच के दौरान अलग-अलग इलाकों से कई तरह की त्रुटियों की शिकायतें सामने आई हैं। कहीं मतदाताओं के नाम गलत लिखे गए हैं तो कहीं उनके व्यक्तिगत विवरण में गंभीर गलतियां दर्ज हैं।सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कई लोगों की पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी ही बदल गई है। पुरुषों को महिला और महिलाओं को पुरुष दर्शाए जाने के कारण मतदाताओं को अपने रिकॉर्ड में सुधार कराने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
निर्वाचन आयोग ने बढ़ाई दावा-आपत्ति की समयसीमा
शिकायतों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में संशोधन के लिए अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया है।पहले मतदाता सूची पर दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर निर्धारित की गई थी। अब इसे बढ़ाकर 3 नवंबर कर दिया गया है। इसी तरह प्राप्त आपत्तियों के निराकरण की समयसीमा भी 3 नवंबर से बढ़ाकर 6 नवंबर कर दी गई है।इस फैसले से उन लोगों को राहत मिलेगी, जो किसी कारण से निर्धारित अवधि में अपनी शिकायत दर्ज नहीं करा पाए थे।
बिरगांव नगर निगम में सामने आई सबसे चौंकाने वाली गड़बड़ी
मतदाता सूची में सबसे अधिक शिकायतें रायपुर से सटे बिरगांव नगर निगम क्षेत्र से सामने आई हैं। यहां गलती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौजूदा महापौर और पूर्व महापौर के जेंडर तक गलत दर्ज कर दिए गए हैं।सूची में कांग्रेस के महापौर नंदलाल देवांगन को महिला मतदाता बताया गया है। वहीं, पूर्व महापौर अंबिका यदु का नाम पुरुष श्रेणी में दर्ज कर दिया गया है।इसके अलावा मेयर इन काउंसिल के सदस्य इकराम अहमद और भाजपा नेता भागीरथी साहू के रिकॉर्ड में भी जेंडर महिला दर्ज होने की बात सामने आई है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताई तारीख बढ़ाने की वजह
मतदाता सूची में गड़बड़ियों और शिकायतों को लेकर राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने कहा कि आयोग की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे।उन्होंने बताया कि कुछ लोग अर्नब तूफान के कारण निर्धारित समय में अपनी आपत्तियां दर्ज नहीं करा सके थे। मतदाता सूची में त्रुटियों को सुधारने और अधिक से अधिक लोगों को शिकायत का अवसर देने के उद्देश्य से समयसीमा बढ़ाई गई है।आयुक्त के मुताबिक, मतदाता सूची की प्रतियां जिला निर्वाचन अधिकारियों की ओर से निर्धारित स्थानों पर निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। नागरिक वहां जाकर अपने नाम और अन्य जानकारियों का मिलान कर सकते हैं।
किन नगरीय निकायों में होने हैं चुनाव?
छत्तीसगढ़ में आगामी दिसंबर महीने में कुल 15 नगरीय निकायों में चुनाव कराए जाने हैं। इनमें बिरगांव, भिलाई, भिलाई-चरौदा और रिसाली नगर निगम शामिल हैं। इनके अलावा पांच नगर पालिकाओं और छह नगर पंचायतों में भी मतदान होना है।चुनाव से पहले मतदाता सूची में सामने आई इन खामियों ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अब आयोग के सामने सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी यह है कि निर्धारित समय में सभी शिकायतों का निराकरण हो और अंतिम मतदाता सूची में किसी पात्र नागरिक का नाम या व्यक्तिगत विवरण गलत दर्ज न रहे।









