
बिलासपुर। बिलासपुर में दूध और उससे बने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से पिछले 9 महीने में अलग-अलग दुकानों और संस्थानों से लिए गए दूध, दही, घी और पनीर के नमूनों की जांच रिपोर्ट में कई उत्पाद तय मानकों पर खरे नही उतरे। इनमें अमूल, गोवर्धन और वचन जैसे बड़े ब्रांड के घी के नमूने भी शामिल बताए जा रहे है। रिपोर्ट सामने आने के बाद विभाग संबंधित मामलों में आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
बड़े ब्रांड के घी के नमूने भी जांच में अमानक
खाद्य सुरक्षा विभाग ने विभिन्न रिटेलरों से घी के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे थे। खबर के मुताबिक, अमूल, गोवर्धन और वचन ब्रांड के घी के नमूने भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नही पाए गए। इससे बाजार में बिक रहे डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे है।
हालांकि, किसी उत्पाद का नमूना अमानक मिलने का अर्थ अपने आप यह साबित होना नही है कि वह नकली है। उत्पाद में किस तरह की कमी मिली और जांच रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष दर्ज है, यह संबंधित रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगा।
कई दुकानों और संस्थानों से लिए गए नमूने
विभाग ने नेशनल डेयरी, शौर्य सुपरमार्ट, अपना मार्ट और बजरंग स्वीट्स समेत कई संस्थानों से दूध, दही और घी के नमूने लिए है। इसके अलावा शहर की अन्य मिठाई दुकानों से भी मिठाइयों के नमूने जांच के लिए भेजे गए है।
विभाग अलग-अलग प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
दीपावली से पहले जांच अभियान तेज
दीपावली के दौरान दूध, दही, घी, खोवा और मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन उत्पादों की सैंपलिंग पर ध्यान बढ़ाया है, ताकि बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच हो सके और उपभोक्ताओं की सेहत से जुड़ी चिंताओं को दूर किया जा सके।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
नमूनों के अमानक पाए जाने के बाद संबंधित मामलों में जुर्माने समेत अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है। कार्रवाई का स्वरूप जांच रिपोर्ट, खाद्य सुरक्षा नियमों और संबंधित मामले के तथ्यों पर निर्भर करेगा। अब यह देखना होगा कि विभाग की जांच के बाद किन संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।




















