
जशपुर: लोन दिलाने के नाम पर सुरक्षा निधि जमा कराने के बहाने 1 लाख 93 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में जशपुर पुलिस ने एक आरोपी को भिलाई से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर प्रार्थी को 10 लाख रुपये का लोन दिलाने का झांसा दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पत्थलगांव थाना क्षेत्र के शांतिनगर, तिलडेगा निवासी गजानंद चौहान (36) को वर्ष 2025 में लोन की आवश्यकता थी। इसी दौरान भिलाई निवासी चंद्रमणि देवदास ने फोन कर खुद को सोमी फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड का कर्मचारी बताया। उसने प्रार्थी से कहा कि उसके लोन की फाइल कंपनी में आई है और 10 लाख रुपये का लोन प्राप्त करने के लिए सुरक्षा निधि जमा करनी होगी।आरोप है कि चंद्रमणि ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर लोन दिलाने का भरोसा दिया और सुरक्षा निधि के नाम पर प्रार्थी से कुल 1 लाख 93 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद आरोपी फरार हो गए। ठगी का एहसास होने पर गजानंद चौहान ने 3 अगस्त 2026 को पत्थलगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई।
बैंक खातों की जानकारी से जांच आगे बढ़ी
प्रार्थी की रिपोर्ट पर पत्थलगांव थाने में अपराध क्रमांक 163/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 3(5) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित बैंक से खातों की जानकारी जुटाई और आरोपियों की तलाश शुरू की।इसी दौरान मुख्य आरोपी चंद्रमणि देवदास के भिलाई में होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम भिलाई पहुंची और उसे हिरासत में लेकर पत्थलगांव लाई। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया। पुलिस के अनुसार, उसने बताया कि अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर प्राप्त रकम को घरेलू जरूरतों में खर्च किया गया।
दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी
विवेचना के दौरान आरोपी के खिलाफ संलिप्तता के साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने 26 अक्टूबर 2026 को उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। मामले में संलिप्त दो अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।इस कार्रवाई में पत्थलगांव थाना प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार ताम्रकार, प्रधान आरक्षक चंद्रविजय पैंकरा और आरक्षक देवसिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




















