
लखनपुर/ प्रिंस सोनी: सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चांदों के आश्रित ग्राम घंटा डुगु में रहने वाले पहाड़ी कोरवा परिवार राशन कार्ड के अभाव में सरकारी खाद्यान्न के लाभ से वंचित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और सचिव से कई बार गुहार लगाने के बावजूद उनके राशन कार्ड नहीं बनाए गए हैं। ऐसे में आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों को बाजार की दुकानों से पैसे देकर राशन खरीदना पड़ रहा है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों की इस स्थिति ने पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बार-बार लगाई गुहार, फिर भी नहीं बना राशन कार्ड
घंटा डुगु में निवासरत शोभित कोरवा, अमरनाथ मान साय सहित अन्य पहाड़ी कोरवा परिवारों का कहना है कि उन्होंने राशन कार्ड बनवाने के लिए पंचायत के सरपंच और सचिव से कई बार संपर्क किया। ग्रामीणों के मुताबिक, उन्हें आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक राशन कार्ड नहीं बन पाया है। इसके कारण वे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले सरकारी खाद्यान्न का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।सीमित आमदनी और आर्थिक परेशानियों के बीच बाजार से राशन खरीदना इन परिवारों के लिए मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्या पर ध्यान देकर जल्द राहत दिलाएगा।
पीएम-जनमन योजना के दावों के बीच बुनियादी सुविधा से वंचित परिवार
विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) संचालित कर रही है। इस अभियान का उद्देश्य पात्र परिवारों तक आवास, पेयजल, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है।इसके बावजूद घंटा डुगु के कई पहाड़ी कोरवा परिवार राशन कार्ड जैसी जरूरी सुविधा के लिए परेशान हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए संचालित योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने में कहां कमी रह जा रही है।
जनसमस्या निवारण शिविर के बाद भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों के अनुसार, आश्रित ग्राम घंटा डुगु में समस्याओं के निराकरण के लिए जनसमस्या निवारण शिविर भी लगाया गया था। इसके बावजूद कई पहाड़ी कोरवा परिवारों की राशन कार्ड संबंधी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इससे शिविरों में प्राप्त शिकायतों के निराकरण और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
एसडीएम से नहीं हो सकी चर्चा
मामले में पक्ष जानने के लिए लखनपुर एसडीएम राम राज सिंह से फोन पर संपर्क किया गया। हालांकि, उनके बैठक में व्यस्त होने के कारण इस संबंध में चर्चा नहीं हो सकी।
अब जरूरत है कि प्रशासन घंटा डुगु में निवासरत पहाड़ी कोरवा परिवारों की स्थिति की जांच कराए। जो परिवार राशन कार्ड के लिए पात्र हैं, उनके आवेदन और दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी कराते हुए नियमानुसार राशन कार्ड जारी किए जाएं, ताकि उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न मिल सके।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब विशेष पिछड़ी जनजातियों को सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता देने की बात कही जाती है, तो घंटा डुगु के पहाड़ी कोरवा परिवार राशन कार्ड जैसी बुनियादी सुविधा के लिए अब तक क्यों भटक रहे हैं?




















