
12वें ब्रिक्स संसदीय फोरम में भाग लेने के लिए सहयोगी देशों के प्रतिनिधिमंडल सोमवार को नई दिल्ली स्थित संसद परिसर पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों और सांसदों ने विदेशी मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया।विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल पहुंचेयुगांडा, क्यूबा, ब्राजील और रूस के प्रतिनिधिमंडल संसद परिसर पहुंचे। रूस और ब्राजील ब्रिक्स मंच के पूर्ण सदस्य देश हैं, जबकि युगांडा और क्यूबा को 2025 में सहयोगी देश बनाया गया था। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भी इस बैठक में शामिल होने के लिए संसद पहुंचे। सांसदों राजीव और नरेश बंसल ने प्रतिनिधिमंडलों तथा वहां आए मेहमानों का स्वागत किया।
सांसदों के बयान
राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा, “यह समूह दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, वैश्विक जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी 40% है, और वैश्विक व्यापार में इसका योगदान लगभग 24% है। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण मंच है। वर्तमान में भारत के पास इसकी अध्यक्षता है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में, यह मंच वैश्विक चुनौतियों—विशेष रूप से विकासशील देशों के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए एक अहम माध्यम के रूप में काम करता है।”
सांसद राजीव राय ने भी कहा कि उम्मीद है कि इससे अमेरिका के “अत्यधिक प्रभाव” को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी, क्योंकि विदेश नीति और राष्ट्रीय हित के मामलों में पूरा देश एकजुट है। उन्होंने कहा, “सबसे पहले, हम भारत आए प्रतिनिधियों का स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि यहां से एक ऐसी आवाज उठेगी जो अमेरिका के अत्यधिक प्रभाव को नियंत्रित करने में मददगार साबित हो सकती है। विदेश नीति के मामलों में—खासकर शांति और विकास के मुद्दे पर—हमारा देश हमेशा एकजुट रहा है, यहां छोटी-मोटी राजनीति या कटाक्षों के लिए कोई जगह नहीं है।”
मंच का आयोजन और उद्घाटन
ज्ञात हो, ब्रिक्स के 11 सदस्य देशों और 10 सहयोगी देशों के संसदीय प्रतिनिधिमंडल दो दिवसीय 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे हैं। इस मंच की मेजबानी भारत की संसद द्वारा संसद भवन परिसर में की जा रही है। इस मंच का उद्घाटन समारोह आज सुबह 10:00 बजे शुरू हुआ, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष और मंच के चेयरमैन ओम बिरला ने उद्घाटन भाषण दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बाद में ब्रिक्स सदस्य और सहयोगी देशों के यहां आए अध्यक्षों तथा प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों से भी मुलाकात करेंगे।




















