भारत की सभ्यता, संस्कृति, परंपरा सैकड़ों साल पुरानी है। ऐसे में भारत के त्योहार अब सिर्फ देश के अंदर ही नहीं बल्कि विदेश में भी धूमधाम से मनाया जाता है। खासतौर पर विदेश में बसने वाले भारतीय अपने त्योहार पर खूब रौनक जमाते हैं। अभी हाल ही में अमेरिका के टाइम्स स्क्वायर पर एक ग्रुप द्वारा गरबा का करते हुए वीडियो वायरल हुआ। गरबा के गानों की धुन पर खुद विदेशी भी थिरकने को मजबूर हो गए।

भारत में त्योहारों का समय चल रहा है। नवरात्रि के बाद अब दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहते हैं, भारत के अलावा कई दूसरे देशों में भी मनाया जा रहा है। खासकर उन देशों में जहां भारतीय, हिंदू और नेपाली समुदाय बड़ी संख्या में रहते हैं। दशहरे का मुख्य संदेश बुराई पर अच्छाई की जीत। भारत में यह त्योहार भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और कई परंपराओं में माँ दुर्गा की महिषासुर पर विजय से जुड़ा है।

किन-किन देशों में दशहरा मनाया जाता है?

नेपाल
दशहरे को ‘बड़ा दशईं’ कहते हैं। लोग देवी दुर्गा की पूजा करते हैं। बड़े-बुजुर्ग बच्चों के माथे पर टीका लगाते हैं और जमरा (जौ के अंकुर) देकर आशीर्वाद देते हैं। परिवार के लोग एक साथ त्योहार मनाते हैं। नेपाल में 15 दिनों तक दशईं त्योहार का चलता है। सातंवें दिन से मुख्य उत्सव की शुरुआत होती है। इस दौरान सरकारी दफ्तर बंद रहते हैं और पूरे नेपाल में जश्न का माहौल जोर पकड़ने लगता है।

बांग्लादेश
यहां हिंदू समुदाय मुख्य रूप से दुर्गा पूजा और विजयादशमी मनाता है। पंडाल सजाए जाते हैं, देवी दुर्गा की पूजा होती है और विजयादशमी पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। ‘बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद’ के अनुसार, इस वर्ष पूरे देश में कुल 33,851 पूजा मंडप बनाए गए हैं, जिनमें से 258 राजधानी में स्थित हैं। पिछले साल की तुलना में यह संख्या लगभग 1,500 बढ़ गई है। इस त्योहार के दौरान रमना काली मंदिर, सिद्धेश्वरी काली मंदिर, ढाका विश्वविद्यालय के जगन्नाथ हॉल और उत्तरा सार्वजनिक मंदिर में भी हर दिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं।

श्रीलंका
हिंदू समुदाय मंदिरों में पूजा-पाठ करता है। कुछ स्थानों पर नवरात्रि और विजयादशमी के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। श्रीलंका में हिंदू समुदाय, विशेषकर तमिल हिंदू, नवरात्रि और विजयादशमी की धार्मिक परंपरा मनाते हैं। लेकिन यहां भारत के उत्तर भारत जैसी बड़े पैमाने पर रावण दहन की परंपरा हर जगह नहीं है। कुछ समुदायों में रामायण से जुड़े कार्यक्रम हो सकते हैं, लेकिन आयोजन स्थान के अनुसार बदलते हैं। आमतौर पर दशहरा पर श्रीलंका की राष्ट्रीय सार्वजनिक छुट्टी नहीं है। वहां हिंदू समुदाय इसे धार्मिक त्योहार के रूप में मना सकता है, जबकि सरकारी छुट्टियां श्रीलंका की आधिकारिक सूची के अनुसार होती हैं।

अमेरिका
इलिनोइस, कैलिफोर्निया, न्यू जर्सी और टेक्सास के अलावा, जॉर्जिया, मिशिगन, फ्लोरिडा और वाशिंगटन में रहने वाले भारतीय-अमेरिकी समुदाय भी पारंपरिक प्रार्थनाओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संगीत और सामुदायिक मिलन समारोहों के जरिए दशहरा मनाते हैं। कार्यक्रम की तारीखें और स्थान आयोजकों के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। ये आयोजन भारतीय समुदायों को अपनी परंपराओं को संजोने और अपनी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद करते हैं।

विदेशों में दशहरा मनाने के तरीके
भारत के साथ विदेशों के कुछ भारतीय समुदायों में भी रावण के पुतले जलाए जाते हैं। यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। कलाकार रामायण की घटनाओं का मंचन करते हैं और भगवान राम की विजय की कहानी सुनाते हैं। बंगाली और अन्य हिंदू समुदायों में मां दुर्गा की पूजा के बाद विजयादशमी पर प्रतिमा विसर्जन की परंपरा होती है।

दशहरे का सबसे बड़ा संदेश क्या है?
दशहरा केवल भारत का त्योहार नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में बसे भारतीय समुदाय की संस्कृति और आस्था का हिस्सा है। इसे अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है, लेकिन इसका संदेश एक ही है-सत्य की जीत होती है और बुराई का अंत होता है।

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